
पुलिस ने जहरीले दूध से भरे टैंक को किया खाली।
कभी सोचा है कि दूध की नदी बहे, लेकिन वो जहर से भरी हो? ओडिशा के कटक जिले के कुसुपांगी इलाके में सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने टैंकर भर जहरीले मिलावटी दूध को जब्त करने के बाद खुले घास के मैदानों में उड़ेल दिया। सफेद दूध की धाराएं बहती रहीं, लेकिन इस बार ये पोषण नहीं, जहर बन चुकी थीं।
होटल के पीछे बने गुप्त केंद्र में चल रहा था यह काम
ये दूध असली नहीं था। इसमें मिलाया गया था पाउडर और केमिकल। होटल मालिक प्रकाश खुंटिया और उसका साथी सुधीर तिवारी इस घिनौने गोरखधंधे के पीछे थे। जानकारी के मुताबिक, दोनों मिलकर दूध में जहरीले तत्व मिलाते थे और फिर उसे बाजार में पहुंचाते थे, ठीक हमारे आपके घरों तक!
उनका यह काम उनके होटल के पीछे बने गुप्त केंद्र में चल रहा था। एक लंबे समय से ये मिलावट चल रही थी। हमारी चाय, बच्चों के दूध और त्योहारों के खीर तक में जहर घोला जा रहा था और हमें खबर तक नहीं थी।
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ऐसे हुआ पर्दाफाश
10 सितंबर को एक गुप्त सूचना पर पुलिस ने कुसुपांगी में एक दूध टैंकर पर छापा मारा। ड्राइवर और हेल्पर तो भाग निकले, लेकिन टैंकर में मौजूद दूध और मिलावटी केमिकल को जब्त कर लिया गया। जांच में सामने आया कि यह दूध संबलपुर से आता था और कटक की एक फैक्ट्री में भेजा जाता था, जहां से यह सीधे हमारे घरों में पहुंचता। पकड़े गए दूध को पुलिस ने पूरी तरह नष्ट कर दिया। उसे खेतों और घास के मैदानों में उड़ेल दिया गया ताकि कोई जानवर या इंसान गलती से भी इसे न पी सके। लोग दूर से देखते रहे, सफेद दूध की धार बहती रही लेकिन अब वो पोषण नहीं, धोखा बन चुकी थी।
फिलहाल प्रकाश खुंटिया और सुधीर तिवारी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब उस फैक्ट्री और सप्लाई चेन की कड़ियां खंगाल रही है जहां यह मिलावटी दूध भेजा जा रहा था। इस घटना ने साफ कर दिया है मुनाफे के लिए कुछ लोग किसी भी हद तक गिर सकते हैं।
(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)





































