
अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cements) ने सितंबर 2025 तिमाही में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे सीमेंट सेक्टर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी का मुनाफा एक साल में चार गुना से ज्यादा बढ़कर 2302 करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह नतीजे उस वक्त आए हैं जब मानसून की वजह से निर्माण कामों में मंदी देखी जा रही थी। लेकिन इसके बावजूद अंबुजा सीमेंट ने कमाई और क्षमता विस्तार, दोनों मोर्चों पर शानदार काम किया है।
कमाई में जबरदस्त उछाल
कंपनी ने सोमवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट (PAT) 2302 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 496 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में मुनाफे में चार गुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है। हालांकि, इस तिमाही में मुनाफे में टैक्स प्रोविजन रिवर्सल का भी अहम योगदान रहा। कंपनी ने अपने वित्तीय विवरण में बताया कि 1697 करोड़ रुपये की इनकम टैक्स प्रोविजन रिवर्सल को इस तिमाही के परिणामों में शामिल किया गया है।
रेवेन्यू और विस्तार योजनाओं में बढ़ोतरी
अंबुजा सीमेंट की राजस्व से होने वाली आय भी बढ़कर 9174 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7552 करोड़ रुपये थी। कंपनी के सीईओ विनोद बहेती ने कहा कि यह तिमाही सीमेंट इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम रही। लंबे मानसून जैसी चुनौतियों के बावजूद, उद्योग को कई पॉजिटिव पॉलिसी सुधारों जैसे GST 2.0, कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना (CCTS) और कोयला सेस (Coal Cess) हटाए जाने से लाभ मिला है। उन्होंने आगे बताया कि कंपनी ने अपने FY28 के लिए क्षमता लक्ष्य को 15 MTPA बढ़ाकर अब 155 MTPA कर दिया है, जो पहले 140 MTPA था। यह एक्स्ट्रा क्षमता कम लागत (USD 48 प्रति टन) पर बाधाओं को दूर करने की पहल के जरिए हासिल की जाएगी।
भविष्य के लिए आशावादी नजरिया
अंबुजा सीमेंट का मानना है कि FY26 की बची हुई अवधि में कारोबार के लिए माहौल पॉजिटिव रहेगा। कंपनी को उम्मीद है कि वह डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और चार अंकों वाला प्रति टन EBITDA हासिल करेगी। साथ ही, कंपनी का लक्ष्य है कि FY28 तक उत्पादन लागत को घटाकर 3650 रुपये प्रति टन तक लाया जाए।






































