शिवसागर: सिबसागर विधानसभा सीट असम की एक अहम सीट है, जिसे शिवसागर भी कहते हैं। ये सीट ब्रह्मपुत्र घाटी के मैदानों में है और नागालैंड बॉर्डर के पास है। यहां चाय के बड़े बागान हैं और ये सीट तेल और प्राकृतिक गैस के लिए भी जानी जाती है। इस विधानसभा चुनाव में शिवसागर सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
शिवसागर से कौन-कौन मैदान में है?
शिवसागर से रायजोर दल से अखिल गोगोई, बीजेपी से कुशल डोवारी और AGP से प्रदीप हजारिका चुनावी मैदान में हैं। तीनों के ही बीच में कांटे की टक्कर है। देखना ये होगा कि जनता किसके सिर पर जीत का सेहरा सजाती है।
राजनीतिक इतिहास क्या है?
शिवसागर सीट 1951 में बनी, जिस पर अब तक 15 विधानसभा चुनाव हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 8 बार कांग्रेस जीती है। सीपीआई ने 5 बार और एक-एक निर्दलीय सीट के अलावा रायजोर दल को भी जीत मिली है। साल 2021 के चुनाव में यहां से नए रायजोर दल के फाउंडर प्रेसिडेंट अखिल गोगोई को जीत मिली थी। उन्होंने BJP कैंडिडेट सुरभि राजकोंवर को 11,875 वोटों से हराया था।
बीजेपी को यहां से एक बार भी जीत नहीं मिली है, इसलिए इस चुनाव में बीजेपी के लिए ये खाता खोलने का मौका मिलेगा। यहां मुसलमानों का भी काफी प्रभाव है और वह करीब 17 प्रतिशत का वोट बैंक बनाते हैं। इसलिए यहां चुनाव जीतने के लिए मुस्लिम वोटर्स का साथ पाना जरूरी हो जाता है।
बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी एजीपी के लिए ये चुनाव अपना खाता खोलने का बड़ा मौका है क्योंकि दोनों साथ में हैं। वहीं रायजोर दल अपने आप में जनता को आकर्षित करने की पूरी कोशिश करेगा और अगर ये गठबंधन के साथ उतरता है तो और प्रभावित कर सकता है।
यहां हरी-भरी खेती भी बहुत है और चाय के बागान भी मशहूर हैं, जो व्यापार के लिए बड़ा साधन हैं। ऐसे में देखना ये होगा कि इस बार जनता किस पार्टी के कैंडिडेट पर भरोसा जताती है।






































