
अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर संयुक्त हमला कर दिया। इस हमले का असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर देखा जा सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान पर हुए इस हमले की वजह से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है और निवेशक बड़े पैमाने पर बिकवाली कर सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजारों ने इस हमले के बाद ईरान की प्रतिक्रिया पर नजर बनाया हुआ है। उनका कहना है कि बाजार की चाल मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगी कि ये तनाव कितने समय तक जारी रहेगा।
दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है ईरान
ईरान दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है। तनाव की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित होने की चिंता के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जो भारत पर काफी बुरा असर डालेगा। कच्चा तेल महंगा होने का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। इसके साथ ही, कच्चे तेल पर निर्भर रहने वाले भारतीय उद्योगों और उनके शेयरों पर भी इसका बुरा असर देखने को मिल सकता है। बताते चलें कि कच्चे तेल की मौजूदा कीमत लगभग 67 डॉलर प्रति बैरल है और इसमें पहले लगभग 2% की बढ़ोतरी हो चुकी है। ताजा संघर्ष की वजह से अगर कच्चे तेल की कीमतों में कोई ताजा बढ़ोतरी होती है तो ये शॉर्ट से मीडियम टर्म में भारतीय बाजारों पर दबाव डालेगी।
भारत के किन सेक्टरों पर पड़ेगा सीधा और बुरा असर
कच्चा तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ेगी, जिसका प्रभाव सभी सेक्टरों पर देखने को मिलेगा। कुछ सेक्टर ऐसे भी हैं, जिन पर इसका तुरंत असर पड़ेगा। कच्चा तेल महंगा होने से सबसे पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियां प्रभावित होंगी। अगर कीमत कुछ ज्यादा ही बढ़ती है तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इनके अलावा, पेंट कंपनियां, एविएशन कंपनियां और टायर बनाने वाली कंपनियां भी बड़े पैमाने पर प्रभावित होंगी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।






































