
जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल की नई हेल्थ टेक सेक्टर की स्टार्टअप कंपनी टेम्पल ने अपने फंडिंग के पहले राउंड में 5.4 करोड़ डॉलर जुटा लिए हैं। गोयल ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये जानकारी दी। गोयल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 19 करोड़ डॉलर आंकी गई है। ये घोषणा दीपिंदर गोयल की उस अनोखी भर्ती वाली पोस्ट के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने अपनी कंपनी टेम्पल के लिए ऐसे लोगों की मांग की थी जो एथलीट होने के साथ-साथ इंजीनियर और साइंटिस्ट भी हों।
दीपिंदर ने परिवार और दोस्तों से जुटाए 5.4 करोड़ डॉलर
उन्होंने नौकरी के लिए एक खास शर्त रखी थी कि अप्लाई करने वाले पुरुषों के शरीर में 16 प्रतिशत से कम और महिलाओं में 26 प्रतिशत से कम बॉडी फैट होना चाहिए। उनकी इस दिलचस्प शर्त ने इंटरनेट पर काफी हलचल मचा दी और सोशल मीडिया पर ये चर्चा का विषय बन गई। गोयल ने कहा, ” टेम्पल ने फंडिंग का अपना पहला दौर पूरा कर लिया है। ये पैसा दोस्तों और परिवार से मिला है, जो कुल 5.4 करोड़ डॉलर है। इस निवेश के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 19 करोड़ डॉलर आंकी गई है।
दीपिंदर ने 1 फरवरी से छोड़ दिए Eternal के बड़े पद
बताते चलें कि दीपिंदर गोयल ने 1 फरवरी, 2026 से Eternal के डायरेक्टर, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसकी घोषणा उन्होंने जनवरी में की थी। एटरनल के बोर्ड ने उन्हें वाइस चेयरमैन और डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने के लिए उनके नाम की सिफारिश की है, जबकि Blinkit के अलबिंदर सिंह ढींडसा, दीपिंदर गोयल की जगह कंपनी के नए CEO बनाए गए हैं। पिछले साल ही जोमैटो का नाम बदलकर एटरनल कर दिया गया था। अब जोमैटो, ब्लिंकइट, डिस्ट्रिक्ट, हाइपरप्योर और फीडिंग इंडिया ये सभी एटरनल की ब्रांड हैं।
गोयल ने जनवरी में नई प्लानिंग को लेकर शेयर की थी जानकारी
दीपिंदर ने एटरनल के डायरेक्टर, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पद से इस्तीफा देने की जानकारी साझा करते हुए कहा था, ”हाल ही में, मैं कुछ नए आइडियाज की तरफ आकर्षित हुआ हूं, जिनमें काफी ज्यादा रिस्क वाली खोज और एक्सपेरिमेंट शामिल हैं। ये ऐसे आइडियाज हैं, जिन्हें एटरनल जैसी पब्लिक कंपनी के बाहर ही आजमाना बेहतर है। अगर ये आइडियाज एटरनल के स्ट्रेटेजिक दायरे में आते, तो मैं उन्हें कंपनी के अंदर ही आगे बढ़ाता। लेकिन ऐसा नहीं है। एटरनल को अपने मौजूदा बिजनेस से जुड़े नए ग्रोथ एरिया की तलाश करते हुए फोकस और अनुशासित रहना चाहिए।”





































