नई दिल्ली: NIA की विशेष अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में कश्मीरी अलगाववादी यासीन मलिक और 6 अन्य के खिलाफ ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया है। यह केस हवाला चैनल्स के ज़रिए पाकिस्तानी एस्टैब्लिशमेंट से विदेशी फंडिंग लेने के आरोपों से जुड़ा है। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष के सबूत दर्ज करने की प्रक्रिया 19 नवंबर से शुरू करने का निर्देश दिया।
क्या है मामला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के मुताबिक, इस मामले में कथित अपराध से अर्जित आय 8,94,87,639 रुपये बताई गई है। एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने विभिन्न माध्यमों और चैनलों के जरिए इस रकम को प्राप्त किया, हस्तांतरित किया, छिपाया और इस्तेमाल किया। ED का यह मामला NIA की ओर से 2017 में दर्ज केस पर आधारित है। इसमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 120B, 121 और 121A के साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं।
PMLA के तहत आरोप तय होगे?
सुनवाई के दौरान यासीन मलिक तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पेश हुए और आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह केस लड़ेंगे। सितंबर में, स्पेशल NIA कोर्ट ने निर्देश दिया था कि यासीन मलिक और 6 अन्य के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय किए जाएं। दूसरे आरोपी ज़हूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शब्बीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, और मसरत आलम भट हैं।
पाकिस्तान से मिलते थे पैसे?
जांच एजेंसी का आरोप है कि पाकिस्तान से हवाला के जरिए और अन्य माध्यमों से धन जुटाया गया। कथित तौर पर बिचौलिये नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से नकदी प्राप्त करते थे और उसे हुर्रियत नेतृत्व तक पहुंचाते थे। एजेंसी के अनुसार, इस धन का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए किया जाना था।
अलगावादी गतिविधियों के लिए बड़ा सिस्टम बनाया
ED का आरोप है कि आरोपी यासीन मलिक द्वारा इस्तेमाल किए गए ईमेल से मिले और भेजे गए ईमेल से पता चलता है कि उसने आज़ादी की लड़ाई के नाम पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी, अलगाववादी और दूसरी गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दुनिया भर में एक बड़ा स्ट्रक्चर और सिस्टम बनाया था और उस पैसे का इस्तेमाल न सिर्फ अपने संगठन JKLF को बनाए रखने के लिए किया गया, बल्कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और हिंसा फैलाने के लिए भी किया गया।
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