
सीजेआई सूर्यकांत ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर अहम टिप्पणी की।
दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी की। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज के समय में कार जरूरत से ज्यादा एक स्टेटस सिंबल बन चुकी है। लोग साइकिल का इस्तेमाल लगभग छोड़ चुके हैं और कार खरीदने के लिए पैसे बचा रहे हैं।
‘एक ही परिवार में कई कारें होना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह’
यह टिप्पणी तब आई जब अदालत में एक वकील ने दलील दी कि एक ही परिवार में कई-कई कारें होना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI ने कहा कि पहले लोग साइकिल से सफर करते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
यह बात उस समय कही गई जब दिल्ली प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई के तुरंत बाद बिहार SIR केस की सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान सेंटर फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने भी कहा कि प्रदूषण की एक बड़ी वजह कारों की बढ़ती संख्या है। उन्होंने बताया कि कई घरों में एक नहीं, बल्कि दो या उससे ज्यादा कारें हैं।
‘अमीर लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए’
CJI सूर्यकांत ने कहा कि अमीर लोगों को कार का त्याग करना चाहिए। अगर लोग महंगी और ज्यादा ईंधन खपत करने वाली गाड़ियों के बजाय अच्छी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाएं, तो प्रदूषण कम किया जा सकता है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि लोगों को अपनी आदतें बदलनी होंगी, तभी हवा साफ हो सकती है।
सरकार लॉन्ग टर्म प्लान बनाए- सुप्रीम कोर्ट
बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुनवाई की थी। कोर्ट ने NHAI और MCD को आदेश दिए कि दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा थोड़े समय के लिए बंद किए जाएं या किसी दूसरी जगह शिफ्ट किए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पॉल्यूशन पर कंट्रोल होगा। CJI सूर्यकांत के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा कि वायु प्रदूषण हर सर्दियों में बार-बार होता है। इसलिए CAQM को अपनी पुरानी पॉलिसी पर फिर से विचार करना चाहिए और एयर पॉल्यूशन से निपटने के लिए मजबूत लॉन्ग टर्म प्लान बनाना चाहिए।
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