उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा में ‘मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024’ के तहत ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ जमीन पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) की स्थापना के लिए नियम, शर्तें और विवरणिका को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में ये जानकारी दी गई। एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को संपन्न हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार की नीति के तहत न्यूनतम 1,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क परियोजनाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। ऐसी परियोजनाओं को 30 प्रतिशत अग्रिम सब्सिडी प्रदान की जाएगी, जो केवल सरकारी या औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर आवंटित भूमि पर ही अनुमन्य होगी।
उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 को भी मंजूरी
उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति (HLEC) ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण बोर्ड, मूल्यांकन समिति और औद्योगिक विकास विभाग की संस्तुति के आधार पर चयनित कंपनियों को 30 प्रतिशत भूमि सब्सिडी देने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसी के अनुरूप मंत्रिमंडल ने अंतिम अनुमोदन प्रदान किया। बयान के अनुसार, इसके अलावा बैठक में एक अन्य प्रस्ताव “उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025” को मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश में विश्वस्तरीय परिचालन के लिए तैयार (प्लग-एंड-प्ले) बिजनेस पार्क विकसित कर वैश्विक निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति दी जाएगी।
बिजनेस पार्क में स्थापित होंगे कार्यालय, आरएंडडी केंद्र, जीसीसी
योजना के अंतर्गत प्रदेश में ऐसे बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां वैश्विक कंपनियों के कार्यालय, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र, वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) तथा संचालन केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे। इन पार्कों में रेडी-टू-ऑपरेट और प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे सेवा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में तेजी से विस्तार होगा। मंत्रिमंडल की बैठक में अटल औद्योगिक अवसंरचना मिशन के तहत गंगा एक्सप्रेसवे के निकट जनपद संभल में एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स संकुल (आईएमएलसी) की स्थापना को अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दे दी गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के अंतर्गत 29 स्थलों पर प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा परियोजना के तहत यह क्लस्टर विकसित किया जाएगा।





































