
बिलासपुर ट्रेन हादसा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे स्टेशन के बाद एक मेमू पैसेंजर ट्रेन मालगाड़ी से टकरा गई और यह टक्कर आमने सामने हुई और पैसेंजर ट्रेन का एक कोच मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। जानकारी के मुताबिक इस हादसे में अभी तक नौ लोगों की मौत की खबर सामने आई है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। गैस कटर से काटकर मृतकों के शव को बाहर निकाला गया। हादसे के बाद रेलवे ने तुरंत राहत औ बचाव कार्य शुरू कर दिया है। रेलवे ने हादसे के बाद हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए हैं और घटनास्थल पर रिलीफ ट्रेप भी रवाना कर दी गई है। मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा राशि देने का ऐलान किया गया है।
रेलवे ने बताया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च प्रशासन उठाएगा और सभी को जल्द से जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.ऐसे में सवाल है कि ट्रेन दुर्घटना में मृतकों और घायलों को मुआवजा कितना और कैसे मिलता है। इसके क्या कोई खास नियम हैं।
जानें कैसे मिलता है हादसे में मुआवजा?
- अगर किसी यात्री के साथ ट्रेन में चढ़ते समय या सफर के दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो उसे या उसके परिवार को मुआवजा मिल सकता है।
- आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग के समय यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस का ऑप्शन देता है, जो हादसे की स्थिति में मुआवजे का आधार बनता है।
- रेलवे इस इंश्योरेंस के तहत मौत, स्थायी विकलांगता या गंभीर चोट लगने पर निर्धारित राशि दी जाती है।
- रेलवे प्रशासन की ओर से भी राहत सहायता दी जाती है, जो हादसे की गंभीरता और परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
- रेलवे नियमों के मुताबिक अगर किसी यात्री की ट्रेन हादसे में मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसके परिवार को रुपये 10 लाख तक का मुआवजा दिया जाता है।
- वहीं, आंशिक रूप से विकलांग होने की स्थिति में रुपये 7.5 लाख का मुआवजा तय है।
- अगर कोई यात्री गंभीर रूप से घायल होता है, तो उसे रुपये 2 लाख तक की सहायता दी जाती है।
- मामूली चोट लगने पर भी रेलवे रुपये 10,000 तक का मुआवजा देता है।
- यह राशि आईआरसीटीसी के ट्रैवल इंश्योरेंस या रेलवे प्रशासन की राहत सहायता योजना के तहत दी जाती है।
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