भारत की प्रमुख आईटी कंपनियां अमेरिका के स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम से सस्पेंशन का सामना कर रही हैं। हालांकि, अमेरिका की इस कार्रवाई का भारतीय आईटी कंपनियों पर कुछ खास प्रभाव पड़ता हुआ नजर नहीं आ रहा है। दरअसल, भारतीय आईटी कंपनियों ने इस साल ग्रीन कार्ड के लिए कम आवेदन किए हैं और इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी कार्रवाई का उनके कामकाज पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की आशंका नहीं है।
अमेरिका ने टीसीएस, इन्फोसिस समेत 8 आईटी कंपनियों पर की कार्रवाई
बताते चलें कि अमेरिका ने गुरुवार को टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक समेत 8 आईटी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए ग्रीन कार्ड आवेदन करने वाले प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया था। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इस प्रोग्राम के कारण अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के मौके घट रहे हैं। अन्य कंपनियों में कैपजेमिनी, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी शामिल हैं। ये कंपनियां बड़ी संख्या में भारतीयों को रोजगार देती हैं।
टीसीएस ने 2026 में सिर्फ 2 ग्रीन कार्ड के लिए ही किया आवेदन
स्थायी श्रम प्रमाणन (PERM) आवेदनों के विश्लेषण के अनुसार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अमेरिकी वित्त वर्ष 2026 में ग्रीन कार्ड के लिए सिर्फ 2 आवेदन किए, जबकि 2025 में 513 और 2024 में 1804 आवेदन किए गए थे। वहीं, एचसीएल टेक ने 2026 में 59 आवेदन किए, जबकि 2025 में ये संख्या 323 थी। विप्रो ने 2024 में 257 और 2025 में 523 आवेदन किए थे। 2024 में किए गए 257 आवेदनों में से 169 खारिज कर दिए गए, जबकि कंपनी ने 88 आवेदन वापस ले लिए थे। इन्फोसिस ने 2024 में PERM के तहत 87 आवेदन किए थे। वर्ष 2025 और 2026 के लिए कंपनी के आवेदन संबंधी आंकड़े उपलब्ध नहीं थे।
पिछले साल जारी किए गए PERM सर्टिफिकेट में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी 2% से भी कम
एचसीएल टेक के पूर्व सीईओ विनीत नायर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “पिछले साल जारी किए गए 1,17,849 PERM सर्टिफिकेट में भारतीय आईटी कंपनियों की हिस्सेदारी 1400 से भी कम थी। ये 2 प्रतिशत से कम है। इसलिए इसका प्रत्यक्ष प्रभाव शुरुआती अनुमान से कम हो सकता है।”
विदेशी कंपनियों ने कितने ग्रीन कार्ड के लिए किए आवेदन
PERM ट्रैकर वेबसाइट के अनुसार, कैपजेमिनी ने 2026 में 98 आवेदन किए, जबकि 2025 में 361 और 2024 में 300 आवेदन किए थे। कॉग्निजेंट ने 2024 में 1236 आवेदन किए थे। कंपनी के 2025 और 2026 के आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। अमेरिका के श्रम विभाग की ओर से जारी स्थायी श्रम प्रमाणन किसी कंपनी को विदेशी कर्मचारी को अमेरिका में स्थायी रूप से काम पर रखने की अनुमति देता है। वर्क वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे प्रोफेशनल्स के लिए PERM आवेदन ग्रीन कार्ड यानी स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया का पहला कदम माना जाता है।
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