भारत की प्रमुख फार्मा कंपनियों सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज और ग्लेनमार्क ने शनिवार को मधुमेह (डायबिटीज) और मोटापा घटाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन’ के जेनेरिक रूप को बाजार में उतारने की घोषणा की। ये कदम ‘ओजेम्पिक’ और ‘वेगोवी’ जैसी दवाओं के मूल घटक के भारत में पेटेंट खत्म होने के बाद उठाया गया है। कंपनियों ने कहा कि इन दवाओं की कीमतें मूल दवा बनाने वाली कंपनी नोवो नॉर्डिस्क की तुलना में काफी कम हैं। सन फार्मा ने अपने सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन को ‘नोवेलट्रीट’ और ‘सेमाट्रिनिटी’ नाम से सभी मात्रा में पेश किया है।
900 रुपये से शुरू होगी नोवेलट्रीट की साप्ताहिक डोज
‘नोवेलट्रीट’ का इस्तेमाल वयस्कों में लंबे समय तक वजन घटाने के लिए कम कैलोरी वाले आहार और शारीरिक गतिविधि के साथ किया जाता है। ये 5 अलग-अलग मात्रा में उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार, ‘नोवेलट्रीट’ की साप्ताहिक लागत लगभग 900 रुपये से 2,000 रुपये और ‘सेमाट्रिनिटी’ की 750 रुपये से 1,300 रुपये के बीच है। सन फार्मा के मैनेजिंग डायरेक्टर कीर्ति गणोरकर ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार उपलब्ध कराना है।
4,200 रुपये में आएगी ओबेडा की महीने भर की डोज
डॉ. रेड्डीज ने ‘ओबेडा’ नाम से सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन पेश किया है, जो हफ्ते में एक बार लगाया जाता है। कंपनी के अनुसार, इसकी मासिक लागत लगभग 4,200 रुपये है। कंपनी के सीईओ एरेज इजराइली ने कहा कि ये कदम महत्वपूर्ण उपचार क्षेत्रों में कंपनी की उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम है और कंपनी इसे अन्य देशों में भी उपलब्ध कराने की योजना बना रही है।
ग्लेनमार्क और जायडस लाइफसाइंसेज ने भी पेश की दवा
ग्लेनमार्क ने ‘ग्लिपिक’ नाम से अपना जेनेरिक सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन पेश किया है। कंपनी के अनुसार, इसकी साप्ताहिक लागत 325 से 440 रुपये के बीच है, जिससे ये इलाज ज्यादा सुलभ होगा। ग्लेनमार्क के अधिकारी आलोक मलिक ने कहा कि भारत में उन्नत मधुमेह उपचार की शुरुआत में ज्यादा लागत एक बड़ी बाधा है, जिसे ये दवा कम करने में मदद करेगी। जायडस लाइफसाइंसेज ने भी ‘सेमाग्लिन’, ‘मैशेमा’ और ‘अल्टरमेट’ नाम से सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन के अपने जेनेरिक संस्करण पेश करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, इसकी औसत मासिक लागत करीब 2,200 रुपये होगी।






































