हैदराबाद: हैदराबाद के डांडिया इवेंट्स में मुस्लिम बाउंसरों के बहिष्कार का मामला चर्चा में है क्योंकि अब इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गई है। इस मामले पर एक तरफ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया है, वहीं दूसरी तरफ गौशामहल विधायक और हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने भी इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि हैदराबाद में मुस्लिम बाउंसरों ने डांडिया इवेंट्स में भेदभाव और काम न मिलने का आरोप लगाया है।
ओवैसी ने क्या कहा?
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके कहा, “मुस्लिम बाउंसरों और दूसरे कर्मचारियों ने बताया है कि चरमपंथी संगठनों के दबाव में इवेंट ऑर्गनाइज़र उनका बहिष्कार कर रहे हैं। अगर पुलिस सख़्त कार्रवाई करे, तो इस जहर को रोका जा सकता है। इससे भी जरूरी बात यह है कि तेलंगाना के लोगों को धर्म से ऊपर उठकर इस बुराई के खिलाफ एकजुट होना होगा। वरना, राज्य की तरक्की और विकास भी इसकी भेंट चढ़ जाएगा।”
ओवैसी ने ये बात मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर कही। दरअसल मीडिया रिपोर्ट्स में एक प्रोफेशनल बाउंसर, MD फिरोज (फजल) ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई थी कि कुछ सांप्रदायिक सोच वाले लोग कथित तौर पर एक अभियान चला रहे हैं, जिसका मकसद डांडिया इवेंट्स के दौरान लाइटिंग, डेकोरेशन, DJ और साउंड-सिस्टम सर्विस में शामिल मुस्लिम बाउंसरों और कर्मचारियों का बहिष्कार करना है।
मुस्लिम बाउंसरों ने क्या आरोप लगाए हैं?
हैदराबाद में मुस्लिम बाउंसरों ने आरोप लगाया है कि इवेंट ऑर्गनाइज़र उनके धर्म की वजह से उन्हें डांडिया इवेंट्स में काम नहीं दे रहे हैं। बाउंसर एजेंसियों ने तेलंगाना सरकार और पुलिस से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जो उनकी रोजी-रोटी पर असर डाल रहे हैं।
बाउंसरों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 से मुस्लिम बाउंसरों को डांडिया इवेंट्स, होटलों और दूसरे कार्यक्रमों में काम देने से मना किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
MD फिरोज (जिन्हें फजल के नाम से भी जाना जाता है) ने एजेंसी के प्रतिनिधियों शंकर रेड्डी, सलिगे प्रभाकर और सलमान के साथ मिलकर आयोजकों से हिंदू और मुस्लिम बाउंसरों के साथ एक जैसा व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में दोनों समुदायों के हजारों बाउंसर एक साथ काम करते हैं और उनके काम पर धर्म का कोई असर नहीं पड़ता।
फिरोज ने कहा, “पहले हमें शहरभर में ज्यादातर डांडिया इवेंट्स के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिलते थे। इस साल, मेरे ज्यादातर साथियों से कहा गया है कि बाउंसर के तौर पर काम करने के लिए मुसलमानों का अब स्वागत नहीं है।”
हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने क्या कहा?
हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने इस मामले पर कहा, “तेलंगाना में नवरात्र के शुभ अवसर पर डांडिया और गरबा उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। लगभग 4-5 सालों से हम सबने ये अभियान छेड़ा था कि हिंदू त्योहारों में गैर हिंदू बाउंसरों का बहिष्कार हो। जो लोग गरबा और डांडिया करवाते हैं, उन लोगों ने इस बात का सपोर्ट भी किया है। कोई भी हिंदू लड़की लव जिहादी का शिकार न बने क्योंकि ये बाउंसर ही होते हैं जो दूसरे गैर हिंदुओं को डांडिया और गरबा उत्सव में एंट्री करवा देते हैं। इसलिए पिछले 4-5 सालों में तेलंगाना में अवेयरनेस आई है।”
हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने औवैसी पर भी निशाना साधा और कहा, “आज मैंने असदुद्दीन ओवैसी का एक ट्वीट देखा है। वो मुस्लिम बाउंसरों के समर्थन में ट्वीट करता है। मैं ओवैसा से पूछना चाहूंगा कि हिंदू त्योहारों में मुसलमानों का क्या काम? अब तुम डिसाइड करोगे क्या कि हिंदू त्योहारों, गरबा और डांडिया उत्सव में हिंदू बाउंसर हो या मुसलमान बाउंसर हो?”
टी राजा सिंह ने कहा, “तुम कौन होते हो? जब तुम तुम्हारे त्योहारों में हिंदुओं को एंट्री नहीं देते, हिंदुओं को कोई काम नहीं देते, अगर कोई हिंदू काम करता है तो उस पर हमला करने की सोच तुम लोग रखते हो, तो तुम्हारी और हमारी सोच में कितना अंतर है, एक बार विचार करो?”
टी राजा सिंह ने कहा, “डांडिया उत्सव में हमने कई सालों में देखा गया है कि जहां-जहां मुस्लिम बाउंसर रहे, वहां लव जिहाद के केसों में बढ़ोतरी हुई। हिंदू नाम बताकर, हिंदू लड़की को टारगेट तुम लोगों ने किया है।”
इससे पहले यूपी के कानपुर से एक बार खबर सामने आई थी कि डांडिया और गरबा कार्यक्रम में घुसने पर मुस्लिम युवक की पिटाई कर दी गई। इसका VIDEO वायरल हुआ था।
देखें टी राजा सिंह का पूरा वीडियो-
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