वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के दौरान देश के टॉप 8 शहरों में 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले किफायती घरों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में किफायती घरों की बिक्री में 23 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल जनवरी-मार्च के बीच कुल 16,273 किफायती घरों की ही बिक्री हुई। रियल एस्टेट कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, किफायती घरों की बिक्री में गिरावट की मुख्य वजह नई डिलीवरी में कमी रही।
कोविड के बाद से लग्जरी घरों की डिमांड बढ़ी
कोविड के बाद से करोड़ों रुपये के महंगे और लग्जरी घरों की मांग में तेजी देखी गई है। लग्जरी घरों की बढ़ती मांग की वजह से बिल्डर भी किफायती आवासीय परियोजनाओं में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसकी वजह निर्माण लागत में बढ़ोतरी, खासतौर पर जमीनों की ऊंची कीमतों को बताया जा रहा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में किफायती आवास खंड में ही सबसे तेज 23 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और सभी 8 प्रमुख शहरों में बिक्री में कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, 50 लाख से 1 करोड़ रुपये की श्रेणी में भी 2025 की शुरुआती तिमाही के मुकाबले इस साल 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और ये घटकर 23,567 हो गई।
20-50 करोड़ रुपये वाले घरों की बिक्री 80 प्रतिशत बढ़ी
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता की मांग पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके विपरीत, 1-2 करोड़ रुपये की श्रेणी में बिक्री 10 प्रतिशत बढ़कर 24,657 हो गई। 2 से 5 करोड़ रुपये की श्रेणी में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 16,075 घरों की बिक्री हुई। वहीं, 5 से 10 करोड़ रुपये की श्रेणी में बिक्री 3 प्रतिशत घटकर 3,338 रह गई। जबकि, 10-20 करोड़ रुपये की श्रेणी में 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 738 घरों की बिक्री हुई और 20-50 करोड़ रुपये की श्रेणी में घरों की बिक्री 80 प्रतिशत बढ़कर 165 हो गई।







































