भारतीय रेल ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम में जरूरतों के हिसाब से लगातार कई बड़े बदलाव कर रही है। रेलवे द्वारा किए जा रहे इन बदलावों को मुख्य उद्देश्य देश के आम यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा सीटें मुहैया कराना और दलालों को काबू में करना है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि रेलवे के ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम को पारदर्शी और दलाल-मुक्त बनाने के लिए तकनीकी स्तर पर कई अहम और महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग सिस्टम में आम यात्रियों को प्राथमिकता देने के लिए आधार वैरिफिकेशन को अनिवार्य बना दिया गया है।
1 जुलाई से तत्काल टिकट के लिए आधार ऑथेंटिकेटेड अकाउंट अनिवार्य
रेल मंत्री ने बताया कि पिछले साल 1 जुलाई से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए आधार ऑथेंटिकेटेड अकाउंट होना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आपका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार से लिंक नहीं है तो आप तत्काल टिकट बुक नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जो खाते आधार के साथ लिंक नहीं हैं, उन्हें बंद नहीं किया गया है। लेकिन, अभी तक 3.04 करोड़ से ज्यादा फर्जी खातों को बंद कर दिया गया है। जिसकी वजह से आज के समय में सही यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने लगे हैं। रेल मंत्री ने कहा कि आज के समय में बुक होने वाली कुल रेल टिकटों में 88 प्रतिशत से ज्यादा टिकट ऑनलाइन बुक हो रहे हैं और लोग मोबाइल तथा लैपटॉप से ही टिकट बुक करना पसंद कर रहे हैं। अब गिनती के लोग ही रिजर्वेशन के लिए रेलवे के टिकट काउंटर पर जाते हैं।
4.07 लाख संदिग्ध पीएनआर से संबंधित 408 शिकायतें दर्ज
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 28 फरवरी, 2026 तक नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर 4.07 लाख संदिग्ध पीएनआर से संबंधित 408 शिकायतें दर्ज की गई हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 28 फरवरी, 2026 तक 13,023 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं। केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे और यात्रियों की सेफ्टी पर सरकार का खास फोकस है और इस फोकस के कारण ही आज कॉन्सिक्वेन्शल एक्सीडेंट 90% तक कम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे गरीब और मध्यम वर्ग की सवारी है। रेलवे का पूरा फोकस गरीब से गरीब व्यक्ति को सुगम और सस्ती यातायात सेवाएं देने का रहता है।







































