
IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। Tata Capital का IPO आ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) टाटा कैपिटल ने 47.58 करोड़ का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने के लिए बाजार नियामक सेबी के समक्ष अद्यतन दस्तावेज दाखिल किए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के समक्ष सोमवार को दाखिल दस्तावेजों (डीआरएचपी) के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ 21 करोड़ नए शेयर और 26.58 करोड़ शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) का संयोजन है। बिक्री पेशकश के तहत टाटा संस के 23 करोड़ शेयर और अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) के 3.58 करोड़ शेयर की बिक्री शामिल है।
टाटा समूह का दूसरा आईपीओ होगा
कंपनी ने इससे पहले अप्रैल में गोपनीय मार्ग के जरिये आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे और जुलाई में उसे सेबी की मंजूरी भी मिल गई थी। इसके बाद कंपनियों को आरएचपी दाखिल करने से पहले एक अद्यतन डीआरएचपी दाखिल करना होता है। सूत्रों ने बताया कि आईपीओ का आकार दो अरब अमेरिकी डॉलर हो सकता है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन करीब 11 अरब अमेरिकी डॉलर हो जाएगा। अगर यह आईपीओ सफल रहा, तो यह देश के वित्तीय क्षेत्र में सबसे बड़ी आरंभिक शेयर बिक्री होगी। नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज के सूचीबद्ध होने के बाद यह हाल के वर्ष में टाटा समूह का दूसरा आईपीओ होगा।
आरबीआई ने दिया था निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा कैपिटल सहित बड़े शैडो बैंकों को सितंबर के अंत तक सूचीबद्ध होने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। टाटा समूह का यह कदम आरबीआई की उस अनिवार्य आवश्यकता के अनुरूप है जिसके तहत “उच्च स्तरीय” एनबीएफसी को अधिसूचना के तीन साल के भीतर, यानी सितंबर 2025 तक सूचीबद्ध होना आवश्यक है। टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, जिसका जनवरी 2024 में टाटा कैपिटल के साथ विलय हो गया, नियामक की सूची में है।






































