कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पटियाला हाउस कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई व अन्य 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ मकोका की धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। कोर्ट ने बिश्नोई पर आर्म्स और एक्सप्लोसिव एक्ट की धाराओं में आरोप तय किए। ये आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ थम दृष्टया मामला बनता है। इसके साथ ही मुकदमे का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच में पता चला था कि आरोपी संगठित अपराध गिरोह के सदस्य थे। उन पर आरोप है कि वे जेल के अंदर से ही एक आपराधिक गिरोह चला रहे थे और आर्थिक लाभ के लिए संगठित रूप से हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती, अपहरण, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और आपराधिक हमले जैसे अपराध कर रहे थे।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने दावा किया है कि समय-समय पर इस आपराधिक गिरोह के सदस्यों से जेल में कई मोबाइल फोन बरामद किए गए जिनका इस्तेमाल आपराधिक गिरोह की ओर से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस ने यह भी आरोप लगाया गया था कि इस गिरोह के सदस्य लगातार थाईलैंड, कनाडा और अमेरिका से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
कोर्ट ने आदेश में क्या कहा?
PTI के मुताबिक, जस्टिस प्रशांत शर्मा ने मंगलवार को 79 पेज का आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष के आरोप गवाहों के बयानों, दस्तावेजों, आधिकारिक रिकॉर्ड और इकबालिया बयानों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि आरोप तय करने के चरण में इन साक्ष्यों पर बेवजह संदेह नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश ने कहा- “मामले के रिकॉर्ड के आधार पर, आरोपियों ने प्रथम दृष्टया अपराध किए हैं।”
ये भी पढ़ें- बादशाह को मिली जान से मारने की धमकी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दी चेतावनी, कहा- ‘सीधे तेरे माथे में गोली मारेंगे’
लॉरेंस बिश्नोई के वकील पर गोलियां बरसाने वाला पकड़ा गया, रोहित गोदारा गैंग से कनेक्शन







































