उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देश-विदेश के निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 75,000 एकड़ का भूमि बैंक, अलग-अलग सेक्टरों के लिए अलग-अलग नीतियां, समय पर प्रोत्साहन और एक ही जगह सभी प्रकार की मंजूरी की व्यवस्था जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। सीएम ने गौतम बुद्ध नगर के जेवर में अम्बर और एसेंट-के सर्किट्स के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में कहा कि हाल के सालों में राज्य में बड़ा बदलाव आया है, जिससे ये निवेश के लिए एक आकर्षक जगह बन गई है।
75,000 एकड़ के भूमि बैंक के साथ देश-दुनिया के निवेशकों का स्वागत कर रहा है उत्तर प्रदेश
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ”पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जेवर इलाका कभी अपनी पहचान के संकट से जूझ रहा था। लेकिन अब पूरी तरह बदल गया है। कानून-व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और आज उत्तर प्रदेश 75,000 एकड़ के भूमि बैंक के साथ देश-दुनिया के निवेशकों का स्वागत कर रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने 36 अलग-अलग सेक्टरों के लिए नीतियां बनाई हैं, जिससे निवेशकों को सही सेक्टर चुनने में मदद मिलती है और उन्हें सरकार का सहयोग भी मिलता है।
कोई भी निवेशक बिना किसी मानवीय दखल के शुरू कर सकता है प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी निवेशक बिना किसी मानवीय दखल के प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सकता है और विकास की गति को तेज करने में योगदान दे सकता है। उन्होंने ने कहा कि अम्बर ग्रुप और दक्षिण कोरिया की एसेंट-के सर्किट्स द्वारा 6,045 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश रोजगार सृजित करने के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश में और इकाइयां लगाने को बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी समेत केंद्रीय मंत्रियों का जताया आभार
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। साथ ही उन्होंने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने समय पर मंजूरी देकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।
यूपी में पंजीकृत हैं 96 लाख से ज्यादा एमएसएमई उद्यम
मुख्यमंत्री ने कहा, ”हमारा उद्देश्य है कि जिन उत्पादों को हम आज आयात करते हैं, वे भारत में बनें और दुनिया भर में निर्यात किए जाएं। भारत को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए एक वैश्विक केंद्र के तौर पर उभरना है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले ही देश का MSME केंद्र बन चुका है, जहां 96 लाख से ज्यादा पंजीकृत एमएसएमई उद्यम हैं।
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