
प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। इसका फायदा एंड यूजर्स और निवेशकों दोनों को हुआ है। हालांकि, अब जब प्रॉपर्टी की कीमत आसमान छू रही है तो निवेशक नए लोकेशन्स की तलाश कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि मेट्रो सिटीज और बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमत जितनी बढ़ गई है, ऐसे में अब जल्द और उछाल की उम्मीद नहीं है। वहीं मेट्रो सिटीज से सटे शहरों में अभी भी बहुत अवसर हैं। इसके चलते निवेशक मेट्रो से सटे शहरों और लोकेशन्स की ओर मूव कर रहे हैं। मेट्रो से सटे और टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास ने रियल एस्टेट को गति देने का काम किया है। कीमत भी मेट्रो शहरों के मुकाबले काफी कम है। इसके चलते एंड यूजर्स और निवेशक छोटे शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।
रियल एस्टेट डेवलपर्स को भी आ रहा पसंद
हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर के अनुसार, टियर-2 और टियर-3 शहर अब रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए काफी आकर्षक बनते जा रहे हैं, क्योंकि इन जगहों पर घरों की मांग और निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है। बेहतर सड़कों और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार जैसे बुनियादी ढांचे ने इन शहरों की आकर्षकता को और बढ़ाया है। सोनीपत में प्लॉट वाले घरों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, क्योंकि लोग अब बड़े और अपनी पसंद के हिसाब से बनने वाले घरों को पसंद कर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर के पास होने और आने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से सोनीपत की बाजार स्थिति और मजबूत हो रही है। लगातार विकास और बढ़ती मांग को देखते हुए, सोनीपत कस्टमाइज्ड होम्स के लिए एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है, जो निवेशकों और घर खरीदने वालों, दोनों को आकर्षित कर रहा है।
लोकेशन को लेकर सोच ही बदली
रॉयल ग्रीन रियल्टी के एमडी यशांक वासन कहते हैं कि रिमोट वर्क की प्रवृत्ति ने लोगों की “लोकेशन” को लेकर सोच ही बदल दी है। अब लोग चाहते हैं कि घर सस्ता हो और खुली, सुकून भरी जगह मिले। रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम शुरू होने से एरसीआर के सटे शहरों से दिल्ली आना आसान हो गया है। इसलिए लोग महंगी प्रॉपर्टी खरीदने से बचने के लिए इससे सटे लोकेशन की ओर रुख कर रहे हैं।
अफोर्डेबल सेगमेंट के विकल्प देना आसान होगा
अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि मेट्रो शहरों में जमीन की ऊंची कीमत और कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में काफी बढ़ोतरी के बाद अफोर्डेबल घर बनना मुश्किल हो गया है। इसलिए अब दिल्ली–एनसीआर से सटे शहर रेवाड़ी, सोनीपत, रोहतक, पलवल, बल्लभगढ़, हापुड़, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, अलवर आदि विकल्प बनकर उभर रहे हैं। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, एक्सप्रसेव और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे के बन जाने से इन लोकेशन्स तक पहुंचना आसान हो गया है। इसलिए निवेशकों के साथ एंड यूजर्स के लिए इन लोकेशन्स में प्रॉपर्टी खरीदना फायदे का सौदा है। अभी काफी अच्छी प्रॉपर्टी कम कीमत में मिल रही है। लेकिन आने वाले दिनों में ये भी हॉटे डेस्टिनेशन बन जाएंगे।





































