
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में ‘एट होम’ समारोह की मेजबानी की।
नई दिल्ली: भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे जोश और गर्व के साथ मनाया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक ‘एट होम’ समारोह की मेजबानी की। इस शानदार आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, तीनों सेनाओं के प्रमुख और विदेशी राजदूत शामिल हुए। यह समारोह भारत की एकता और आतिथ्य की मिसाल बना।
राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर राष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
इससे पहले, भारी बारिश के बावजूद राष्ट्रपति मुर्मू ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो महिला वायुसेना अधिकारियों ने पुष्पचक्र ले जाकर देश के वीर जवानों के बलिदान को सलाम किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री संजय सेठ भी इस गंभीर मौके पर मौजूद थे। यह पल देश के सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बना।
PM मोदी ने लाल किले से देश को किया संबोधित
लाल किले की प्राचीर से अपने 12वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को ‘विकसित भारत’ की नींव बताया। उन्होंने कहा कि आजादी सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जरूरी है। पीएम ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे दूसरों पर निर्भरता से बचें और भारत की आजादी को मजबूत रखने के लिए सजग रहें। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी ताकत खुद बनानी होगी, ताकि कोई हमारी आजादी को चुनौती न दे सके।’
PM ने किया ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ का ऐलान
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की शुरुआत की, जिसका नाम भगवान श्रीकृष्ण के पौराणिक हथियार ‘सुदर्शन चक्र’ से प्रेरित है। इस मिशन का मकसद भारत की सैन्य ताकत को बढ़ाना और 2035 तक देश के रक्षा तंत्र को और मजबूत करना है। पीएम ने कहा, ‘यह मिशन भारत को तेजी से और प्रभावी ढंग से खतरों का जवाब देने में सक्षम बनाएगा।’
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संदेश में क्या कहा था?
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा था, ‘1947 में हमें गरीबी और चुनौतियां विरासत में मिली थीं, लेकिन आज हर क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।’ राष्ट्रपति ने 2047 तक भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने का भरोसा जताया था।





































