
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान बिहार में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर जवाब दिए गए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हमारे लिए ना कोई पक्ष है, ना ही विपक्ष, बल्कि सभी समकक्ष हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “हमने कुछ दिन पहले देखा कि कई मतदाताओं की तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के मीडिया के सामने पेश की गईं। उन पर आरोप लगाए गए, उनका इस्तेमाल किया गया। क्या चुनाव आयोग को किसी भी मतदाता, चाहे वह उनकी मां हो, बहू हो, बेटी हो, के सीसीटीवी वीडियो साझा करने चाहिए? जिनके नाम मतदाता सूची में हैं, वे ही अपने उम्मीदवार को चुनने के लिए वोट डालते हैं।”
उन्होंने कहा, “कानून के अनुसार अगर समय रहते मतदाता सूचियों में त्रुटियां साझा न की जाए, अगर मतदाता की ओर से अपने उम्मीदवार को चुनने के 45 दिन के भीतर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर नहीं की जाए और फिर वोट चोरी जैसे गलत शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने का असफल कोशिश की जाए, तो यह भारत के संविधान का अपमान नहीं तो और क्या है?” उन्होंने आगे कहा कि वोटर्स के फोटो, नाम और पहचान सार्वजनिक रूप से दिखाए गए हैं, जो उनकी निजता का उल्लंघन है।
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