
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के 7 लाख से ज्यादा निष्क्रिय खातों में 30.52 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं, जिन्हें जल्द ही उनसे जुड़े खाताधारकों या उनके कानूनी वारिसों को लौटाए जाएंगे। ये जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक सूत्र ने दी। सूत्र ने बताया कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की हाल ही में हुई एक समीक्षा बैठक में 7.11 लाख निष्क्रिय खातों के निपटान का फैसला लिया गया है। इनमें से प्रत्येक खाते में 1000 रुपये या उससे भी कम राशि शेष है।
31.86 लाख लोगों के बंद पड़े PF अकाउंट में जमा हैं 10,903 करोड़ रुपये
बताते चलें कि ईपीएफओ का वो खाता निष्क्रिय माना जाता है, जिसमें 36 महीने से भी ज्यादा समय तक कर्मचारी या नियोक्ता की ओर से कोई अंशदान जमा नहीं हुआ हो। सूत्र ने कहा कि कुल 31.86 लाख निष्क्रिय ईपीएफ खातों में 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से 1000 रुपये तक के बैलेंस वाले 7 लाख खातों में 30.52 करोड़ रुपये की राशि है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर लौटाया जाएगा। सूत्र के मुताबिक, आधार से जुड़े खातों में ये पीएफ राशि सीधे संबंधित बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। खाताधारक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में भुगतान नामित व्यक्ति (नॉमिनी) या वैध उत्तराधिकारी को किया जाएगा।
कोर बैंकिंग सिस्टम आधारित सुविधाएं लागू कर रहा है ईपीएफओ
मंत्रालय के स्तर पर ईपीएफ के सभी निष्क्रिय यानी बंद पड़े खातों के चरणबद्ध निपटान की प्रक्रिया जारी है। इस बीच, ईपीएफओ ‘ईपीएफओ 3.0’ डिजिटल पहल पर भी काम कर रहा है, जिसके तहत ‘कोर बैंकिंग सिस्टम’ आधारित सुविधाएं लागू की जा रही हैं। इसका उद्देश्य दावों के निपटान की समयसीमा को 20 दिन से घटाकर तीन दिन से भी कम करना और सदस्य सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, यूपीआई के जरिए भी पीएफ खाते से पैसा निकालने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे आम लोगों को काफी सुविधा और राहत मिलेगी।





































