
देशभर में एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर अब भारतीय रेल की खानपान सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। इस संकट के कारण इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ट्रेनों में भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। स्थिति को देखते हुए रेलवे ट्रेनों में अस्थायी रूप से पका हुआ खाना परोसने की सेवा बंद करने और जिन यात्रियों ने टिकट के साथ पहले से भोजन बुक किया है उन्हें रिफंड देने पर विचार कर रहा है। news18 की खबर के मुताबिक, आईआरसीटीसी ने अपने कैटरिंग लाइसेंसधारकों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को भोजन सेवा में किसी भी तरह की बाधा न आए इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था (कंटिन्जेंसी प्लान) लागू करें।
आईआरसीटीसी के बेस किचन पर असर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलपीजी की कमी का सबसे अधिक असर आईआरसीटीसी के बेस किचन पर पड़ रहा है। इन्हीं बेस किचनों में ट्रेनों के लिए भोजन तैयार किया जाता है और बाद में उसे पेंट्री कारों में लोड किया जाता है। पेंट्री कार मुख्य रूप से भोजन वितरण और उसे दोबारा गर्म करने के लिए उपयोग में आती हैं और इनमें आमतौर पर एलपीजी सिलेंडर नहीं रखे जाते। लेकिन अब बेस किचन में खाना बनने में आ रही दिक्कतों के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए भोजन तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
10 मार्च को जारी एक पत्र में आईआरसीटीसी ने रेलवे स्टेशनों पर स्थित फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार आउटलेट्स को निर्देश दिया है कि अगर एलपीजी की कमी होती है तो वे वैकल्पिक ईंधन या अन्य तरीकों से खाना पकाने की व्यवस्था अपनाएं, ताकि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी न हो।
रेस्टोरेंट और होटल एसोशिएशन जता चुके हैं चिंता
इससे पहले रेस्टोरेंट और होटल एसोशिएशन ने चिंता जताते हुए कहा कि बेंगलुरु, पुणे और मुंबई जैसे शहरों में, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी से पैदा हुआ संकट अगर जारी रहा तो उन्हें अपना काम बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के प्रेसिडेंट सागर दरयानी ने बताया कि रेस्टोरेंट पहले से ही लिमिटेड मेन्यू या अलग-अलग समय पर काम करने पर विचार कर रहे हैं।






































