
उत्तर प्रदेश में स्थित डिफेंस कॉरिडोर के 6 नोड्स में 9 प्रमुख मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स ने ऑपरेशन्स और प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। इन नोड्स में अब तक 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा गुरुवार को जारी एक बयान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को रक्षा और वैमानिकी विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा 2018 में स्थापित ये डिफेंस कॉरिडोर अपने 6 रणनीतिक नोड्स कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट के माध्यम से बड़े निवेश आकर्षित कर रहा है।
UPDIC के 6 नोड्स में आए 35,526 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
बयान के मुताबिक, UPEIDA की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, UPDIC के अलग-अलग नोड्स में अब तक 35,526 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिनमें अब तक अधिग्रहीत 2040 हेक्टेयर भूमि में से 977.54 हेक्टेयर भूमि उद्योगों को आवंटित की गई है। रिपोर्ट कहती है कि वर्तमान में रक्षा और संबद्ध विनिर्माण के लिए 6 केंद्रों में 62 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है और इनमें लगभग 11 कंपनियों के लिए पट्टे (लीज डीड) की प्रक्रिया प्रगति पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में कानपुर में 12,803 करोड़ रुपये, झांसी में 11,738 करोड़ रुपये, लखनऊ 4850 करोड़ रुपये, अलीगढ़ 4490 करोड़ रुपये, चित्रकूट 880 करोड़ रुपये और आगरा में 607 करोड़ रुपये का निवेश आया है।
अडाणी ने कानपुर में शुरू किया गोला-बारूद निर्माण संयंत्र
अधिकारियों के अनुसार, यूपीडीआईसी में कई अग्रणी कंपनियों ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इनमें से अडाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने कानपुर में 1500 करोड़ की लागत से बने गोला-बारूद निर्माण संयंत्र में उत्पादन शुरू किया है, जो कॉरिडोर का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। अधिकारियों के मुताबिक, अलीगढ़ में अमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (330 करोड़ रुपये) ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट तकनीक का उत्पादन शुरू किया है, जबकि वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड (65 करोड़) और नित्या क्रिएशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (12 करोड़) ने छोटे हथियारों और प्रिसिशन आर्म्स कलपुर्जों का निर्माण शुरू किया है।
ब्रह्मोस एनजी मिसाइल प्रणाली के उत्पादन की शुरुआत
बयान के अनुसार, लखनऊ नोड रक्षा विनिर्माण का नया केंद्र बन रहा है, जहां एरोलॉय टेक्नोलॉजीज (320 करोड़) ने टाइटेनियम कास्टिंग और डीआरडीओ की ब्रह्मोस एयरोस्पेस (300 करोड़) ने ब्रह्मोस एनजी मिसाइल प्रणाली के उत्पादन की शुरुआत की है। इसके अलावा संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस (14 करोड़) ने सुरक्षा उपकरण और रक्षा परिधानों का निर्माण शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि वहीं, कानपुर में ए.आर. पॉलिमर्स (48 करोड़) और आधुनिक मटेरियल्स एंड साइंसेज (38.58 करोड़) ने क्रमशः बैलिस्टिक मटेरियल्स और डिफेंस टेक्सटाइल्स का उत्पादन शुरू कर औद्योगिक गतिविधियों को गति दी है।





































