
वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत का सिलसिला जारी है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए पिछले महीने वाशिंगटन में मिलना था। लेकिन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी प्रशासन के जवाबी शुल्कों को रद्द करने के बाद इस मुलाकात को स्थगित कर दिया था। मंत्रालय ने व्यापार समझौते पर द्विपक्षीय बातचीत रुक जाने का दावा करने वाली खबरों को खारिज करते हुए ये बात कही।
दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए संपर्क में
वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”हमने अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता के संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट पर गौर किया है। इस बात का खंडन किया जाता है कि द्विपक्षीय बातचीत में कोई ठहराव आया है। दोनों पक्ष पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए संपर्क में बने हुए हैं।” भारत सरकार की ये टिप्पणी इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 11 मार्च को भारत और चीन समेत 16 अर्थव्यवस्थाओं की नीतियों एवं औद्योगिक प्रथाओं को लक्षित करते हुए ‘धारा 301’ के तहत व्यापार जांच शुरू की है।
भारत को दुनिया का डेटा सेंटर बनाने में मदद करेगा समझौता
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इन खबरों को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि इनका कोई आधार नहीं है। गोयल ने कहा, ”हमारा अमेरिका के साथ बहुत अच्छा व्यापार समझौता है। हम अपने सभी संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करने में सफल रहे हैं।” उन्होंने इस समझौते को बेहद शक्तिशाली बताते हुए कहा कि ये भारत को दुनिया का डेटा सेंटर बनाने में मदद करेगा क्योंकि इससे अमेरिका से बेहतरीन तकनीक प्राप्त होगी। अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भारत एवं अन्य देशों पर लगाए गए जवाबी शुल्कों को रद्द करने वाले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की हुई है।
व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप दे चुके हैं दोनों देश
मंत्रालय के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्षों ने कभी भी ये नहीं कहा कि व्यापार वार्ता रुक गई है या ”हम समझौता नहीं कर रहे हैं।” बांग्लादेश, मलेशिया और कंबोडिया जैसे कुछ देशों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, कुछ अन्य देशों ने केवल कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया है, उस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जहां तक भारत और अमेरिका का सवाल है तो दोनों देशों ने व्यापार समझौते के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है।







































