
उत्तर प्रदेश के मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे का काम पूरा हो चुका है। यूपी के शाहजहांपुर में एक्सप्रेसवे का बचा हुआ काम भी पूरा हो गया है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने अभी हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मनोज कुमार सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह से तैयार हो चुका है और इसके किनारे दीवार बनाने का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। अब इस एक्सप्रेसवे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आखिरी मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
6 घंटे में पूरा होगा 594 किमी लंबा सफर
मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के अगले 1-2 महीने में शुरू होने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते मेरठ से प्रयागराज का 594 किमी का सफर सिर्फ 6 घंटे में पूरा हो जाएगा। 6 लेन वाले इस एक्सप्रेसवे को जरूरत पड़ने पर भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी शुरुआत मेरठ में NH-334 से होगी, जो हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज में NH-2 के नजदीक बाईपास पर जाकर खत्म होगा। बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 दिसंबर, 2021 को शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था।
शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर बनाई गई है हवाई पट्टी
शाहजहांपुर में बनाई गई हवाई पट्टी गंगा एक्सप्रेसवे की खास पहचान है, जिसका उपयोग आपात स्थिति में वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा। साथ ही, एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग यूनिट विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है। इसे ग्रीन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया गया है, जिसके दोनों ओर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी में यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए एक 74 किमी लंबा लिंक एक्सप्रेसवे भी बनाने का प्लान है।




































