मार्च 2026 का महीना शेयर बाजार के निवेशकों के लिए किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा है। महीने की शुरुआत में जहां निफ्टी 24,000 के ऊपर टिका हुआ था, वहीं मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव और ग्लोबल मार्केट में मची हलचल ने भारतीय बाजारों पर भी गहरा दबाव बनाया है। अब निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस महीने निफ्टी वापस 24,000 का स्तर पार करेगा या अभी और गिरावट बाकी है?
पिछले कारोबारी सत्र (20 मार्च) में निफ्टी 50 मामूली बढ़त के साथ 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि बाजार ने रिकवरी की कोशिश की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव साफ दिखा। टेक्निकल एनालिस्ट का मानना है कि 23,000 का स्तर निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट है। यदि बाजार इस स्तर के नीचे फिसलता है, तो गिरावट 22,800 या उससे नीचे तक जा सकती है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
बाजार के जानकारों की राय बंटी हुई है, लेकिन ज्यादातर एक्सपर्ट्स वेट एंड वॉच की सलाह दे रहे हैं। स्टॉकिफाई के फाउंडर और सीईआ पीयूष झुनझुनवाला का मानना है कि 24,000 अब एक बड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) बन गया है। जब तक निफ्टी 23,500 के ऊपर मजबूती से क्लोजिंग नहीं देता, तब तक 24,000 की राह मुश्किल है। वहीं, ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जो भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा नेगेटिव ट्रिगर है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार की तेजी टिक नहीं पा रही है।
निवेशकों के लिए स्ट्रैटेजी
फिलहाल बाजार का ट्रेंड बियरिश बना हुआ है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस समय एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय गिरावट पर अच्छी क्वालिटी के स्टॉक्स में SIP के जरिए खरीदारी करें। आईटी और फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है।






































