पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी यानी पांच राज्यों में हो रहे आगामी विधानसभा चुनाव के लिये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने माइक्रो मैनेजमेंट तैयार किया है जिसके तहत ही भारतीय जनता पार्टी चुनाव चुनाव लड़ रही है। RSS के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संघ इस चुनाव में माइक्रो मैनेजमेंट के तहत कार्य कर रहा है। संघ के जानकार दिलीप देवधर जिन्होंने अब तक संघ पर 40 किताबें लिखी हैं, उन्होंने कहा कि संघ का शताब्दी वर्ष चल रहा है और इसी दौरान पांच राज्यों में चुनाव हैं। सबसे अहम बात यह है कि इन दिनों संघ का युवा सम्मेलन चल रहा है। साथ ही साथ हिंदू सम्मेलन चल रहा है, जिसका फायदा निश्चित तौर पर चुनाव में बीजेपी को जमीन मजबूत करने के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
संघ के 32 संगठन हुए सक्रिय
संघ के 32 संगठन जिसमें भाजपा भी है, सभी इन दिनों चुनाव को लेकर अलग-अलग तरीके से सक्रिय हो गए हैं। 32 संगठन के कार्यकर्ता घर-घर जाकर चाहे वह किसी भी धर्म के हो, उन्हें संघ के बारे में जानकारी दे रहे हैं। चुनाव शब्द का इस्तेमाल ना करते हुए, हिंदुओं को संगठित होना चाहिए, बांग्लादेश में जो हुआ है, जो कुछ हो रहा है इस बैकग्राउंड में हिंदुओं को संगठित होने की बात कही जा रही है।
संघ के जानकार ने बताई प्लानिंग
आरएसएस के जानकार दिलीप देवधर ने कहा कि बंगाल और असम में विश्व हिंदू परिषद चुनाव के दौरान एक विशेष तरीके का काम कर रहे हैं। साधु-संतों को घर से बाहर निकाल रहे हैं, मंदिरों से बाहर निकाल रहे हैं, लोगों से घरों में जाकर उनसे बातचीत कर रहे हैं, घरों में संपर्क कर रहे हैं, गोष्ठी कर रहे हैं। धार्मिक नेता बांग्लादेश का रिफरेंस देकर हिंदुओं को संगठन करने का का काम कर रहे हैं। इन दिनों चुनाव में विश्व हिंदू परिषद काम कर रहा है और धर्म जागरण कर रहा है।
दिलीप देवधर ने बताया कि केरल में घर-घर में जाकर संघ और उसके सहयोगी संगठन के लोग संघ एवं उसके परिवार की जानकारी लोगों को दे रहे हैं। मुस्लिम और क्रिश्चियन के घरों में भी जाकर संघ की जानकारी दी जा रही है। इसी तरीके का काम बंगाल और असम में भी किया जा रहा है। संघ का कार्यकर्ता देश प्रेम की बात कर रहा है, राष्ट्रवाद का जागरण कर रहा है। ये काम मुस्लिम और क्रिश्चियन घरों में भी किया जा रहा है।
डोर टू डोर संपर्क के तहत कार्य
इन बार चुनाव में संघ ने हिदायत दी है कि डोर टू डोर संपर्क के तहत कार्य किया जाए। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देने और उसे लाइक कर देने से काम नहीं चलेगा, सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाए। कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि हिंदुत्व के मुद्दे से दूर न जाए, जातीय समीकरण को जोड़ते हुए हिंदुत्व के मूल मुद्दे को बनाए रखें। हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए साधु-संतों का सहारा लिया जा रहा है। साधु-संत मंदिरों से बाहर निकलकर हर घर में जाकर हिंदुत्व का संदेश दे रहे हैं। साधु-संतों के जरिए हिंदुत्व के मुद्दे के साथ-साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताई जा रही हैं।
संघ ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि विपक्ष जो नैरेटिव सेट करता है उसको हावी न होने दिया जाए, जनता में भ्रम पैदा ना हो। संघ एवं उसके सहयोगी 32 संगठन जब घर-घर अभियान कर रहे हैं तो लोगों को अपनी कार्य पद्धति को समझा रहे हैं। देश प्रेम की बातें बता रहे हैं। बंगाल का औद्योगिक विकास किस तरीके से हो सकता है, युवाओं को कैसे यहां रोजगार मिले, इस संबंध में भी काफी ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
मतदान प्रतिशत 70% के ऊपर ले जाने की कोशिश
एक रणनीति के तहत लोकल और स्टेट के नेतृत्व को ज्यादा बढ़ावा दिया जा रहा है। यह चुनाव लोकल नेतृत्व और स्टेट के नेतृत्व के इर्द-गिर्द घूम रहा है। केंद्रीय नेतृत्व सभाएं एवं लोगों में जोश भरने का कार्य कर रहे हैं। 12 साल से बुथ मैनेजमेंट काफी ज्यादा मजबूत कर लिया गया है और भारतीय जनता पार्टी का बूथ मैनेजमेंट काफी ज्यादा मजबूत हो इस पर ध्यान देने की हिदायत दी गई है। संघ द्वारा मतदान का प्रतिशत 70% के ऊपर ले जाने के लिए मेहनत की जा रही है। घर का हर व्यक्ति का मतदान होना चाहिए, पांच राज्यों में इस बात पर जोर दिया जा रहा है। मतदान का मुद्दा समझाने का काम बड़े पैमाने पर हो रहा है। जो लोग राज्य से बाहर है वे मतदान देने के लिए राज्यों में पहुंचे,इसके लिए भी जन जागरण किया जा रहा है।
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