त्रिशूर: केरल के त्रिशूर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ, जब त्रिशूर पूरम के लिए तिरुवंबाडी ग्रुप की ओर से पटाखों की सामग्री तैयार की जा रही थी। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोगों ने पहले इसे भूकंप समझ लिया। घटना के बाद पूरे इलाके में आग और घना धुआं फैल गया, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी दिक्कतें आईं।
13 लोगों को मौके से सुरक्षित निकाला गया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। घायलों को तुरंत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल, त्रिशूर और आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के अनुसार, शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे के बाद 13 लोगों को मौके से सुरक्षित निकाला गया है। घायलों में से कई की हालत गंभीर थी और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया था। वहीं 2 लोग अस्पताल के वार्ड में भर्ती हैं, जबकि 17 लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
पीएम ने जताया हादसे पर दुख, मुआवजे का ऐलान
पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में हुई जानमाल की हानि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। PMO की ओर से X पर जारी संदेश में कहा गया, ‘त्रिशूर में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में हुई जानमाल की हानि से दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे, जबकि घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
महाराष्ट्र, तमिलनाडु में भी पटाखों ने ली जान
बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर में भी पटाखों में हुए विस्फोट ने 2 लोगों की जान ले ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना में 4 लोग घायल भी हुए हैं। वहीं, हाल ही में तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले की एक पटाखा फैक्ट्री में भी बड़ा हादसा हुआ था। वहां ‘वनाजा’ नाम की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। यह फैक्ट्री मुथुमणिक्कम नामक व्यक्ति की बताई जाती है और कट्टनारपट्टी इलाके में स्थित थी। यह हादसा हाल के वर्षों में क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जा रहा है।







































