देश में टैक्सी और राइड बुकिंग सेक्टर में अब एक नई क्रांति देखने को मिल रही है। भारत टैक्सी नाम का देसी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म तेजी से लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। खास बात यह है कि यह कोई सामान्य ऐप नहीं, बल्कि ड्राइवरों द्वारा संचालित एक कोऑपरेटिव मॉडल है, जिसमें ड्राइवर खुद मालिक हैं। यही वजह है कि कुछ ही महीनों में इस प्लेटफॉर्म से 35 लाख से ज्यादा यूजर्स और 6 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं।
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका जीरो कमीशन मॉडल है। दूसरे प्लेटफॉर्म्स की तरह यहां ड्राइवरों की कमाई पर भारी कमीशन नहीं काटा जाता। राइड से मिलने वाला पूरा पैसा सीधे ड्राइवरों के खाते में जाता है। इससे हजारों ड्राइवरों की आय में 25 से 30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। ड्राइवरों का कहना है कि अब उन्हें खुद के काम का मालिक होने का एहसास होता है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है।
यात्रियों को भी मिल रहा सस्ता किराया
भारत टैक्सी सिर्फ ड्राइवरों के लिए ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि यात्रियों को भी कम किराए का लाभ मिल रहा है। जहां कई प्राइवेट ऐप्स में डायनेमिक प्राइसिंग के कारण किराया अचानक बढ़ जाता है, वहीं भारत टैक्सी में किराया पारदर्शी और स्थिर रखा गया है। इससे यात्रियों को औसतन 15 फीसदी तक कम खर्च करना पड़ रहा है।
गुजरात से शुरू होकर पूरे देश में फैल रहा नेटवर्क
अहमदाबाद और सूरत में शानदार सफलता के बाद अब कंपनी वडोदरा समेत कई नए शहरों में विस्तार की तैयारी कर रही है। गुजरात में अकेले 1 लाख से ज्यादा ड्राइवर इससे जुड़े हैं। ऐप डाउनलोड्स की संख्या भी लगातार तेजी से बढ़ रही है।
सुरक्षा और तकनीक पर खास फोकस
भारत टैक्सी ने गुजरात पुलिस के साथ SOS इंटीग्रेशन भी शुरू किया है, जिससे यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की सुरक्षा बढ़ी है। इसके अलावा 10,000 से ज्यादा ड्राइवरों को डिजिटल ट्रेनिंग और सॉफ्ट स्किल्स की शिक्षा दी जा चुकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत टैक्सी आने वाले समय में देश के मोबिलिटी सेक्टर की तस्वीर बदल सकती है और सहकार से समृद्धि मॉडल का बड़ा उदाहरण बन सकती है।





































