तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी विवाद के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को 19 जून (शुक्रवार) को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। सांसदों के विलय और दलगत स्थिति से जुड़े मामले में स्पीकर ओम बिरला दोनों पक्षों की बात सुनना चाहते हैं।
बागी 20 सांसदों पर लोकसभा अध्यक्ष संग होगी चर्चा
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि ओम बिरला ने अभिषेक बनर्जी को 19 जून को 20 बागी सांसदों और इस मामले पर उनके रुख के बारे में चर्चा के लिए बुलाया है। विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी के भीतर बढ़ते मतभेद के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है।
टीएमसी के 20 बागी सांसदों ने NCPI में किया विलय
मालूम हो कि 14 जून को टीएमसी के कुल 20 बागी सांसदों ने अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और त्रिपुरा स्थित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में अपने समूह के विलय के संबंध में एक पत्र सौंपा। उन्होंने संसद के निचले सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की।
दोनों गुटों के सुनने के बाद लिया जाएगा फैसला
सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला 20 बागी सांसदों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और दोनों गुटों की बात सुनने के बाद फैसला लेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पहले से तय समय पर हुई थी, जिसमें अभिषेक बनर्जी शामिल नहीं हो सके।
15 जून को भी लोकसभा अध्यक्षा का गया था मेल
टीएमसी सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को बैठक के संबंध में ईमेल भेजा था। सूत्रों ने बताया कि बनर्जी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष पूछताछ के लिए पेश हो रहे थे, इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें अपने मोबाइल फोन या व्यक्तिगत ईमेल तक पहुंच नहीं थी। स्पीकर के कार्यालय से मिले संदेश में बनर्जी को दो घंटे का समय दिया गया था और उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे तक दिल्ली में स्पीकर से मिलने का निर्देश दिया गया था।
बागी गुट ने भी बिरला को सौंपा पत्र
वहीं, टीएमसी के बागी गुट की ओर से इस संबंध में पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र सौंपा जा चुका है। अब टीएमसी नेतृत्व की ओर से अभिषेक बनर्जी अपना पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पीकर आगे की प्रक्रिया पर फैसला ले सकते हैं।
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