देश में बढ़ते एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर हाल के दिनों में कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें सामने आई थीं। खासतौर पर यह दावा किया जा रहा था कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने पर वाहन का इंश्योरेंस क्लेम प्रभावित हो सकता है। अब केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि E20 फ्यूल पूरी तरह सुरक्षित है और इसका वाहन बीमा की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंश्योरेंस क्लेम रद्द होने जैसी बातें पूरी तरह गलत हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस मामले में सभी संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों से बात की गई। जांच के बाद यह पाया गया कि E20 पेट्रोल से इंश्योरेंस क्लेम रद्द होने या बीमा अमान्य होने जैसी बातें सिर्फ अफवाह हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की व्यवस्था दुनिया के कई देशों में लंबे समय से अपनाई जा रही है। अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल हो रहा है।
कई देशों में पहले से हो रहा इस्तेमाल
मंत्रालय ने बताया कि ब्राजील में E27 यानी 27 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लंबे समय से सामान्य ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में भारत में E20 पेट्रोल को लेकर चिंता की कोई वजह नहीं है। सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से पेट्रोल पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।
देश को हुआ बड़ा आर्थिक फायदा
सरकार के मुताबिक एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की वजह से भारत अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा विदेशी मुद्रा बचाने में सफल रहा है। कच्चे तेल के आयात में कमी आने से देश का आयात बिल घटा है और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है। इसके अलावा एथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों को भी ज्यादा आय का अवसर मिला है।
पर्यावरण और किसानों दोनों को लाभ
सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करता है और स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को भी सपोर्ट मिल रहा है।






































