पब्लिक सेक्टर के चार बैंकों- केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को कुल 9,439 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया है। इनमें बैंक ऑफ बड़ौदा ने सरकार को सबसे ज्यादा 2,811 करोड़ रुपये के डिविडेंड का भुगतान किया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक शेयर पर दिया 8.50 रुपये का डिविडेंड
बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक बयान में कहा कि उसके एमडी और सीईओ देबदत्त चंद ने वित्त मंत्री को 2,811 करोड़ रुपये के डिविडेंड का चेक सौंपा है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 8.50 रुपये के डिविडेंड देने की घोषणा की है, जो 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर का 425 प्रतिशत है।
पंजाब नेशनल बैंक ने सरकार को दिया 2,416 करोड़ रुपये का डिविडेंड
बैंक ऑफ बड़ौदा के अलावा, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अशोक चंद्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,416 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक सौंपा।
केनरा बैंक ने वित्त मंत्री को सौंपा 2,397 करोड़ रुपये के डिविडेंड का चेक
केनरा बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ ब्रजेश कुमार सिंह ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,397 करोड़ रुपये के डिविडेंड का चेक सौंपा। इस मौके पर वित्तीय सेवा सचिव संजय लोहिया भी मौजूद रहे। केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्येक शेयर पर 4.20 रुपये का डिविडेंड घोषित किया है, जो 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर का 210 प्रतिशत है।
चेन्नई स्थित इंडियन बैंक ने सरकार को दिया 1,815.05 करोड़ रुपये का डिविडेंड
इंडियन बैंक के एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 1,815.05 करोड़ रुपये के डिविडेंड का चेक सौंपा। चेन्नई स्थित इंडियन बैंक ने एक बयान में कहा कि वो समावेशी बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देकर सरकार के विकसित भारत लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पंजाब एंड सिंध बैंक सरकार की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
बताते चलें कि देश के तमाम सरकारी बैंकों में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी होती है, जिनके लिए उन्हें बैंक द्वारा घोषित किए गए डिविडेंड के हिसाब से डिविडेंड का भुगतान किया जाता है। केंद्र सरकार की पंजाब एंड सिंध बैंक में सबसे ज्यादा 93.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा, इंडियन ओवरसीज बैंक में केंद्र सरकार की 92.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक- SBI में सरकार की 55 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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