भारत और मालदीव ने सोमवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत शुरू कर दी है। वाणिज्य विभाग ने सोमवार को ये जानकारी दी। विभाग ने कहा कि ये बातचीत वर्चुअल माध्यम से हो रही है और 29 जून से 7 जुलाई तक चलेगी। वाणिज्य विभाग ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ”भारत सरकार ने मालदीव गणराज्य के साथ द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए बातचीत का पहला दौर आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है।”
भारत और मालदीव के बीच कितना होता है व्यापार
इस व्यापार समझौते में, दो देश आपस में व्यापार वाली ज्यादातर वस्तुओं पर आयात शुल्क को या तो काफी कम कर देते हैं या पूरी तरह से खत्म कर देते हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2024-25 में 69 करोड़ डॉलर से 13.5 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2025-26 में 77 करोड़ 17.6 लाख डॉलर (निर्यात 45 करोड़ 87.1 लाख डॉलर और आयात 31.3 करोड़ डॉलर) हो गया।
भारत और मालदीव के बीच किन चीजों का होता है आयात-निर्यात
भारत, मालदीव का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। मालदीव से भारत के आयात में मुख्य रूप से स्क्रैप धातुएं शामिल हैं, जबकि निर्यात में कई तरह के इंजीनियरिंग और औद्योगिक उत्पाद जैसे दवाएं और फार्मास्युटिकल, रडार उपकरण, सीमेंट और कृषि उत्पाद जैसे चावल, मसाले, फल, सब्जियां और पॉल्ट्री उत्पाद शामिल हैं। भारत और मालदीव ने वर्ष 1981 में एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें जरूरी वस्तुओं के निर्यात का प्रावधान है।
15 जुलाई से लागू होगा भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
बताते चलें कि भारत और ब्रिटेन के बीच इस साल 15 जुलाई से मुक्त व्यापार समझौता लागू हो जाएगा। दोनों देशों ने बुधवार, 17 जून को ये जानकारी दी थी। इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने के एक साल से भी कम समय में इसे लागू किया जा रहा है। लंदन ने इसे इतने बड़े पैमाने के समझौते पर हस्ताक्षर के बाद सबसे तेजी से लागू होने वाला समझौता बताया था। भारत और ब्रिटेन के बीच इस समझौते के लागू होने के बाद भारत के 99 प्रतिशत उत्पादों को ब्रिटेन में जीरो टैरिफ पर एंट्री मिलेगी। ये समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को काफी बढ़ावा देगा। इससे भारतीय किसानों, श्रमिकों, MSME, स्टार्टअप और इनोवेटर्स के लिए कई मौके खुलेंगे।
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