अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) और मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) ग्रुप की टर्मिनल यूनिट टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (TIL) ने मंगलवार को एक निश्चित समझौते की घोषणा की। इस समझौते के तहत टीआईएल, अडाणी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी। इस सौदे का कुल मूल्य 2.85 अरब डॉलर है।
विझिंजम बंदरगाह की मौजूदा क्षमता का किया जा रहा है विस्तार
विझिंजम बंदरगाह की मौजूदा क्षमता 16 लाख TEU है और अब इसका विस्तार किया जा रहा है, जिससे इसकी क्षमता 3.5 गुना होकर 57 लाख TEU हो जाएगी। APSEZ ने बयान में कहा, ” भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट इंफ्रा कंपनियों में से एक APSEZ और दुनिया के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स ग्रुप एमएससी ने एक निश्चित समझौता किया है। इसके तहत एमएससी ग्रुप अपनी कंटेनर टर्मिनल ऑपरेशन्स और इंवेस्टमेंट यूनिट टीआईएल के जरिए विझिंजम बंदरगाह की रियायतधारी कंपनी AVPPL में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगा।” ये डील नियामकीय मंजूरी समेत अन्य जरूरी मंजूरियों के अधीन होगा।
भारतीय बंदरगाह अवसंरचना में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निजी निवेश
अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने कहा, ”टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड 1.397 अरब डॉलर का निवेश करेगी, जो 2.85 अरब डॉलर की कुल डील में उसकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है।” कंपनी ने कहा कि ये रणनीतिक साझेदारी भारतीय बंदरगाह अवसंरचना में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निजी निवेश है और इससे विझिंजम हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख ‘ट्रांसशिपमेंट’ केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
एमएससी ग्रुप के पास 5 महाद्वीपों में 100 से ज्यादा कंटेनर टर्मिनल
APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, ” विझिंजम बंदरगाह एक प्रमुख ‘ट्रांसशिपमेंट हब’ के रूप में उभरा है और अभूतपूर्व गति से विकसित हुआ है। संचालन शुरू होने के सिर्फ 18 महीने के भीतर 20 लाख टीईयू माल संभालने वाला ये भारत का पहला बंदरगाह बन गया है। टीआईएल दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर टर्मिनल ऑपरेटरों में से एक है। ये एमएससी ग्रुप का हिस्सा है, जिसके पास 5 महाद्वीपों में 100 से ज्यादा कंटेनर टर्मिनल हैं और जो सालाना 7 करोड़ टीईयू से ज्यादा माल संभालता है।”
साझेदारी से एपीएसईजेड को मिलेंगे कई महत्वपूर्ण लाभ
बयान के अनुसार, APSEZ और एमएससी ग्रुप की रणनीतिक साझेदारी से एपीएसईजेड को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे। बंदरगाह का विस्तार जारी है, जिसके बाद दिसंबर 2028 तक इसकी क्षमता 3.5 गुना होकर 57 लाख टीईयू हो जाएगी। ये बंदरगाह यूरोप, फारस की खाड़ी और सुदूर पूर्व को जोड़ने वाले पूर्व-पश्चिम समुद्री मार्ग से लगभग 10 समुद्री मील की दूरी पर रणनीतिक रूप से स्थित है।
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