गुरुग्राम में रहने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही सेक्टर-37C और सेक्टर-37D को सीधे द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए रेलवे लाइन पर रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) बनाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 12,000 से ज्यादा परिवारों को रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने सेक्टर-37C और सेक्टर-37D को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए रेलवे फाटक पर आरओबी बनाने की दिशा में पहला कदम उठा लिया है। इसके लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने हेतु टेंडर जारी कर दिया गया है। इस टेंडर को 8 जुलाई को खोला जाएगा। जिस सलाहकार कंपनी का चयन होगा, उसे तीन महीने के भीतर डीपीआर तैयार करनी होगी और रेलवे से डिजाइन की मंजूरी भी लेनी होगी।
रोजाना जाम से मिलेगी राहत
फिलहाल इन दोनों सेक्टरों के लोगों को द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए रेलवे फाटक पार करना पड़ता है। ट्रेन आने के समय फाटक बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ऑफिस जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भी रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। आरओबी बनने के बाद रेलवे फाटक पर निर्भरता खत्म होगी और लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा।
बदहाल सड़क भी बनेगी बेहतर
रेलवे फाटक से पेट्रोल पंप तक की सड़क की हालत फिलहाल काफी खराब है। हाल की बारिश के बाद सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग मजबूरी में निजी जमीन से होकर रेलवे फाटक तक पहुंचते हैं। उम्मीद है कि आरओबी परियोजना के साथ इस पूरे मार्ग का भी विकास किया जाएगा।
रेलवे भी देगा आधा खर्च
इस परियोजना के लिए रेलवे विभाग पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका है। जानकारी के मुताबिक, आरओबी निर्माण की कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा रेलवे विभाग वहन करेगा। जमीन की उपलब्धता कम होने के कारण पुल को दो या तीन लेन का बनाया जा सकता है। अंतिम चौड़ाई डीपीआर तैयार होने के बाद तय होगी।
दिल्ली से कनेक्टिविटी भी होगी और मजबूत
इसी बीच केंद्र सरकार ने भी द्वारका एक्सप्रेसवे को दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 6,970 करोड़ रुपये की लागत से 8.1 किलोमीटर लंबी छह लेन की भूमिगत सुरंग को मंजूरी दी है। यह टनल शिवमूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर वसंत कुंज तक जाएगी। इसके बनने से गुरुग्राम, द्वारका, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के बीच सफर पहले से तेज हो जाएगा।






































