भारतीय मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बंगाल के अलावा बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश के आसार हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में अगले सप्ताह भी बहुत ज्यादा बारिश की संभावना है। आईएमडी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल एवं बिहार में अगले 2–3 दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4–5 दिनों तक कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। मेघालय में आज, 12 जुलाई 2026 को कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की भी संभावना है।
मौसम विभाग ने कहा कि मानसून सक्रिय होने के कारण 14 जुलाई तक पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने एक बुलेटिन में कहा कि पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश की मार झेल रहे राज्य के उप-हिमालयी जिलों में भी 14 जुलाई तक भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, आने वाले सप्ताह में बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
कई जगहों पर जलभराव की आशंका
मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन तथा कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी के निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका जताई है। विभाग के अनुसार, बांकुड़ा, बीरभूम, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, नदिया तथा मुर्शिदाबाद जिलों में 14 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है, जबकि दक्षिण बंगाल के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी के अनुसार, मुर्शिदाबाद और पूर्व बर्धमान में सोमवार को भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं कोलकाता, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली जिलों में भी भारी वर्षा हो सकती है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह 8.30 बजे तक बीते 24 घंटों में कूचबिहार जिले के पुंडीबाड़ी में राज्य में सर्वाधिक 89 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा गंद्रापाड़ा (66 मिमी), हासीमारा (62 मिमी), अलीपुरद्वार (58 मिमी), दार्जिलिंग (38 मिमी), दमदम (38 मिमी) और चेल (35 मिमी) में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। मौसम विभाग ने सोमवार सुबह तक कोलकाता में आसमान में बादल छाए रहने और एक-दो दौर की मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है।
उत्तराखंड में कई जगहों पर भूस्खलन
उत्तराखंड में विभिन्न स्थानों पर पिछले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन होने से 126 मार्ग अवरुद्ध हो गए, जबकि देहरादून में एक निर्माणाधीन भवन की दीवार ढहने से एक महिला घायल हो गई और एक अस्थायी पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पिछले तीन दिन से स्यानाचट्टी में भूस्खलन के कारण बंद पड़े यमुनोत्री राजमार्ग को दुरुस्त करने का काम लगातार जारी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में दो राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 126 मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में पिछले साल आई आपदा के दौरान बहे पुल की जगह बनाया गया अस्थाई पुल रविवार तड़के आई भारी बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया। यातायात के लिए वैकल्पिक तौर पर झाझरा-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून
राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने और राज्यभर में अधिकतर स्थानों पर मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में केवल कुछ स्थानों पर तेज हवा चली और हल्की बारिश दर्ज की गई। बूंदी जिले के तालेड़ा में सर्वाधिक पांच मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, एक कमजोर मौसम प्रणाली के प्रभाव से 14 और 15 जुलाई को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में भी अगले पांच से छह दिनों तक अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
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