भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी अच्छी खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष में 13 जुलाई तक देश का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 16.4 फीसदी बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा बताता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और कंपनियों के साथ-साथ आम करदाताओं की ओर से भी टैक्स भुगतान में बढ़ोतरी हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे सरकार को विकास परियोजनाओं पर खर्च करने में और मजबूती मिलेगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 13 जुलाई तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 16.11 फीसदी बढ़कर 7.74 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं इस अवधि में सरकार ने 1.22 लाख करोड़ रुपये के टैक्स रिफंड भी जारी किए, जो पिछले साल की तुलना में 14.57 फीसदी अधिक है। रिफंड के बाद सरकार के पास बचा नेट टैक्स कलेक्शन 6.51 लाख करोड़ रुपये रहा।
कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट टैक्स से हुई ज्यादा कमाई
इस बार टैक्स कलेक्शन में सबसे बड़ा योगदान कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट टैक्स का रहा। रिफंड के बाद कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन बढ़कर 2.40 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1.97 लाख करोड़ रुपये था। वहीं, नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन भी बढ़कर 3.85 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 3.44 लाख करोड़ रुपये था। इसमें व्यक्तिगत करदाता, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), फर्म, एसोसिएशन और अन्य संस्थाओं द्वारा जमा किया गया टैक्स शामिल है।
STT कलेक्शन में भी बड़ी छलांग
शेयर बाजार में बढ़ती गतिविधियों का असर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर भी देखने को मिला। 13 जुलाई तक STT से सरकार को 26,428.96 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 17,875.88 करोड़ रुपये थी। इससे साफ है कि बाजार में निवेश और ट्रेडिंग एक्टिविटी मजबूत बनी हुई हैं।
अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में यह मजबूत बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। बढ़ता टैक्स कलेक्शन इस बात का संकेत है कि कारोबार, निवेश और आय में सुधार हो रहा है। इससे सरकार की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य विकास योजनाओं पर ज्यादा निवेश करने में मदद मिलेगी।
इनपुट- PTI
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