शेयर बाजार में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि सरकार इक्विटी निवेश पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स को खत्म कर सकती है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने संसद में साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। यानी शेयरों में निवेश से होने वाले लंबे समय के मुनाफे पर LTCG टैक्स पहले की तरह लागू रहेगा।
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में बताया कि आकलन वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार को इक्विटी पर LTCG टैक्स से 1.29 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इससे पहले आकलन वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 72,249 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में इस टैक्स से होने वाली कमाई में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार ने यह भी कहा कि अगले वर्षों का डेटा अभी उपलब्ध नहीं है क्योंकि आयकर रिटर्न दाखिल होने बाकी हैं।
विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए एक जैसा नियम
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को इक्विटी निवेश के मामले में कोई विशेष टैक्स छूट नहीं दी गई है। घरेलू और रिटेल निवेशकों की तरह विदेशी निवेशकों पर भी इक्विटी से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 12.5 फीसदी टैक्स लागू है। हालांकि, सरकार ने यह जरूर बताया कि विदेशी निवेशकों को केवल सरकारी बॉन्ड में निवेश पर टैक्स छूट दी गई है। इसका उद्देश्य भारत में पेंशन फंड, इंश्योरेंस कंपनियों और सॉवरेन वेल्थ फंड जैसे बड़े विदेशी निवेशकों से लॉन्ग टर्म कैपिटल आकर्षित करना है।
हर साल होती है टैक्स नीति की समीक्षा
सरकार ने कहा कि कैपिटल गेन टैक्स समेत सभी टैक्स नीतियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। आमतौर पर बजट के दौरान आर्थिक परिस्थितियों और राजस्व जरूरतों को ध्यान में रखकर इनमें बदलाव पर फैसला लिया जाता है। लेकिन फिलहाल इक्विटी पर LTCG टैक्स हटाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
सरकार के इस बयान से साफ हो गया है कि शेयर बाजार में लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशकों को अभी LTCG टैक्स में किसी राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ऐसे में निवेशकों को अपनी निवेश रणनीति बनाते समय टैक्स नियमों को ध्यान में रखना होगा। हालांकि, भविष्य में बजट या नई कर नीति के दौरान सरकार इन नियमों की समीक्षा कर सकती है, लेकिन फिलहाल मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
इनुपट- ANI






































