नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को एंटी पेपर लीक बिल पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि सावधान हो जाइए। कहीं आपकी मिस गवर्नेंस की वजह से खुदा ना खास्ता जो पड़ोसी देश में हुआ वैसी हरकत यहां पर न हो जाए। उस आफत को आप दावत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नौजवानों को छोड़कर, उनसे रिश्ता खत्म करके अगर आप हुकूमत करना चाहते हैं तो यह आपकी गलतफहमी है।
2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ
ओवैसी ने कहा कि वर्ष 2024 में भी नीट का पेपर लीक हुआ। उस मामले में हाई लेवल कमेटी बनाई गई लेकिन पता नहीं उसी रिपोर्ट का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि आज के नौजवान नौकरी की उम्मीद खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं नौजवानों के साथ खड़ा हूं जिनकी जिंदगियां पेपर लीक के चलते बर्बाद हो गई हैं। मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि क्या कानून बदलने से, सेल्फी वीडियो बनाने से, इस्तीफा लेने से या स्पेशल टास्क फोर्स बनाने से जिन छात्रों ने स्यूसाइड की उनकी जिंदगी वापस आ जाएगी।
ओवैसी ने कहा कि नया कानून लाकर सरकार नौजवानों को यह संदेश दे रही है कि तुम निकलकर सड़क पर आओ तब हम डरेंगे। लोग अगर इस तरह से प्रोटेस्ट में विश्वास करने लगेंगे तो फिर पार्लियामेंट का क्या मायने रह जाएगा। यह बेहद गंभी मामला है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न्याय की जीत
इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर असदुद्दीन ओवैसी ने इसे न्याय की जीत बताया था। उन्होंने कहा कि यह उन तमाम युवाओं की जीत है जो न्याय और संविधान के दायरे में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का त्यागपत्र देश के युवाओं के संघर्ष और जद्दोजहद की बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा, “यह कामयाबी हक की झूठ पर विजय है। यह उन तमाम नौजवानों की कुर्बानी और मेहनत की जीत है। मैं उन्हें मुबारकबाद देता हूं।”
वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी केंद्र सरकार को पेपर लीक के मुद्दे पर घेरा और दिल्ली प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से तीछे सवाल पूछे। प्रियंका गांधी ने कहा, “सरकार ने RSS प्रचारकों को भरकर हमारे शिक्षा सिस्टम को खोखला कर दिया है। उन्होंने NTA को ज़बरदस्ती लाकर और सिस्टम को सेंट्रलाइज़ करके मामलों को और उलझा दिया है। देश के कुल बजट में शिक्षा बजट का हिस्सा हर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है।







































