दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है और लोग भी सुरक्षित नहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने खरगे को जवाब देते हुए कहा है कि जेपी नड्डा ने कहा कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।
क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?
दरअसल, मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में बिना इजाजत दखल देने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के मुद्दे को उठाया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। खरगे ने कहा- “मैं आपसे गुजारिश कर रहा हूं, जो लोग वहां बिना अनुमति के गए, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। वे क्यों गए? वे कौन हैं? उन्हें किसने आदेश दिया? उन्हें वहां जाने के लिए किसने कहा? किसने आदेश दिया?
नड्डा ने किया पुलिस की कार्रवाई का बचाव
वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया और खास तौर पर CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणियों पर बात करते हुए पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। जेपी नड्डा ने पुलिस की कार्रवाई को कानून-व्यवस्था की सामान्य स्थिति बताया। जेपी नड्डा ने कहा- “हमें यह समझना होगा कि यह कानून-व्यवस्था की बहुत सामान्य स्थिति है। मैं एक छात्र कार्यकर्ता रहा हूं। इमरजेंसी के दिनों में, जब कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, मुझे कई बार क्लासरूम से गिरफ्तार किया गया था।” आपको बता दें कि 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के संसद मार्च के दौरान हिंसा देखने को मिली थी। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इस
‘पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ती है’
जेपी नड्डा ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर कहा कि यह कानून-व्यवस्था की सामान्य स्थिति है। एक स्टूडेंट एक्टिविस्ट को इसका सामना करना पड़ता है। और जो लोग कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में लेते हैं, पुलिस को उसके अनुसार कार्रवाई करनी पड़ती है। पुलिस ने उन मामलों में वैसा ही किया है।इसे सनसनीखेज बनाने की कोशिश की जा रही है। जो भी स्टूडेंट एक्टिविस्ट एक्टिविज्म करना चाहता है, उसे इसका सामना करना चाहिए। मैंने भी इसका सामना एक बार नहीं, बल्कि कई बार किया है।
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