
भारत का सबसे महंगा स्टॉक MRF Ltd का शेयर भाव मंगलवार को नए सर्वकालिक ऊंचाई पर जा पहुंचा। एमआरएफ का स्टॉक बीएसई पर 6.28 प्रतिशत उछलकर कारोबार के आखिर में 1,53,943.90 के लेवल पर बंद हुआ। पिछले कारोबार के मुकाबले मंगलवार को कंपनी का स्टॉक प्रति शेयर और ₹9093.55 मजबूत हो गया। कंपनी का स्टॉक सुबह ₹144950.05 के करीब खुला, जबकि शेयर का पिछला बंद (सोमवार) भाव बीएसई पर ₹1,44,850.35 रिकॉर्ड किया गया था।
इस वजह से मिला सपोर्ट
उम्मीद है कि प्रस्तावित वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) सुधार इन कंपनियों तक भी लागू हो सकते हैं। यह उम्मीद ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एटीएमए) द्वारा सरकार से इस संदर्भ में विचार करने की मांग के बाद पैदा हुई है। एटीएमए सरकार से आग्रह किया है कि वे जीएसटी सुधारों को टायर निर्माता कंपनियों तक भी विस्तार दें, जिससे टायर इंडस्ट्री को फायदा मिल सके। इसके बाद निवेशकों में उत्साह दिखा और शेयरों में तेजी आई।
एटीएमए ने बीते सोमवार को सरकार से ऑटोमोटिव टायरों पर जीएसटी दर को मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। यह भी कहा कि परिवहन, कृषि, खनन और निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर उनके महत्वपूर्ण लागत प्रभाव के चलते टायरों को लग्जरी वस्तुओं के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए।
हर 10वें साल जोरदार बढ़ता गया भाव
साल 1990 में एमआरएफ के शेयर का भाव महज 332 रुपये था, जो लगातार अपने सफर पर कामयाबी का झंडा लहराता चला गया। साल 2000 में कंपनी का शेयर 2820 रुपये प्रति शेयर पर चला गया। इसी तरह, साल 2020 में कंपनी का स्टॉक प्राइस ₹70,964 रुपये पर जा पहुंचा। गौर करने वाली बात यह है कि बीते महज 5 साल में शेयर भाव डेढ़ लाख रुपये से भी ज्यादा के पार जा चुका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी किस गति से लगातार सफल होती चली गई और देश के सबसे महंगे स्टॉक में शुमार हो गई।





































