इंग्लैंड और आयरलैंड की महिला क्रिकेट टीमों के बीच एक बार फिर मुकाबला होने जा रहा है, लेकिन इस बार दोनों टीमों की तस्वीर पहले से कुछ अलग है। अंतरराष्ट्रीय सत्र के आखिरी चरण में दोनों देशों के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेली जाएगी। लीसेस्टर में होने वाले पहले मुकाबले से पहले इंग्लैंड के सामने जहां कई प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में नई टीम को आजमाने की चुनौती है, वहीं आयरलैंड बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा।
मौजूद जानकारी के अनुसार इंग्लैंड की टीम इस श्रृंखला में पांच प्रमुख खिलाड़ियों के बिना खेल रही है। कप्तान नट स्किवर-ब्रंट भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। आयरलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में लगी पिंडली की चोट दोबारा उभरने के बाद वह लंबे समय तक बाहर रही थीं। उनकी अनुपस्थिति में चार्ली डीन को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई है।
बता दें कि चार्ली डीन इससे पहले भी नट स्किवर-ब्रंट की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड की अगुआई कर चुकी हैं। महिला हंड्रेड में लंदन स्पिरिट की कप्तानी करने के अनुभव ने भी उन्हें नेतृत्व के मामले में आत्मविश्वास दिया है। डीन के मुताबिक कप्तान के तौर पर उनका सबसे बड़ा प्रयास खिलाड़ियों के साथ ज्यादा से ज्यादा जुड़ना और पूरी टीम की जरूरतों को समझना रहा है।
इंग्लैंड की गेंदबाजी में भी बदलाव देखने को मिलेगा। सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल के बाहर रहने से टिली कॉर्टीन-कोलमैन, इज़ी वोंग और लॉरेन फाइलर के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह मजबूत करने का मौका है। रियाना मैकडोनाल्ड-गे भी चोट से वापसी कर रही हैं। उन्होंने आखिरी बार इंग्लैंड के लिए 2025 की एशेज श्रृंखला में खेला था। वहीं द हंड्रेड में प्रभावी प्रदर्शन करने वाली ग्रेस पॉट्स को पहली बार अंतरराष्ट्रीय टीम में मौका मिला है।
बल्लेबाजी में भी बदलाव है। महिला टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली डैनी व्याट-हॉज को आराम दिया गया है। ऐसे में माया बुशियर और जोडी ग्रेवकॉक पर नजर रहेगी। ग्रेवकॉक ने इसी सत्र में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था।
नियमित विकेटकीपर एमी जोंस की गैरमौजूदगी में एलिस कैप्सी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगी। किरा चाथली को भी टीम में शामिल किया गया है, हालांकि उन्हें अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का इंतजार है। मैडी विलियर्स और चारिस पावेली के पास भी छोटे प्रारूप में अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर है। विलियर्स ने जुलाई में भारत के खिलाफ लॉर्ड्स में टेस्ट पदार्पण किया था।
गौरतलब है कि इंग्लैंड और आयरलैंड के बीच 2024 के दौरे में एकदिवसीय श्रृंखला इंग्लैंड ने 2-1 से जीती थी, जबकि टी-20 श्रृंखला 1-1 से बराबर रही थी। इसके बाद महिला टी-20 विश्व कप में भी आयरलैंड ने इंग्लैंड को कड़ी चुनौती दी थी। आयरलैंड ने उसी प्रतियोगिता में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली वेस्टइंडीज को भी हराया था।
आयरलैंड की कप्तान गैबी लुईस का मानना है कि टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है। हालांकि जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में आयरलैंड को 0-3 से हार मिली थी, लेकिन टीम उस प्रदर्शन से निराश होने के बजाय आगे बढ़ना चाहती है।
आयरलैंड के लिए इंग्लैंड के खिलाफ पिछला मुकाबला भी प्रेरणा का स्रोत है। उस मैच में 119 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड एक समय 35 रन पर तीन विकेट गंवा चुका था। आयरलैंड की एमी मैग्वायर और ऑर्ला प्रेंडरगास्ट ने शुरुआती झटके दिए थे। मैग्वायर इस श्रृंखला में चोट के कारण नहीं खेल रही हैं।
चार्ली डीन ने कहा कि आयरलैंड की टीम में सिर्फ गैबी लुईस और ऑर्ला प्रेंडरगास्ट ही खतरा नहीं हैं, बल्कि बाकी खिलाड़ी भी मुकाबला बदलने की क्षमता रखते हैं। इंग्लैंड अपनी नई गेंदबाजी रणनीति और नए खिलाड़ियों को मौका देकर टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहता है।
आयरलैंड के अभ्यास मुकाबले में मौसम ने भी परेशानी खड़ी की। बारिश के कारण उसका अभ्यास मैच रद्द हो गया और डबलिन से इंग्लैंड आने वाले खिलाड़ियों की यात्रा भी तूफान से प्रभावित हुई। हालांकि सभी खिलाड़ी सुरक्षित पहुंच गए हैं और अब उनकी नजर पिछली हार का हिसाब बराबर करने पर है। दोनों टीमों के लिए यह श्रृंखला नए खिलाड़ियों को परखने और अगले विश्व कप की तैयारियों की दिशा तय करने का अहम मौका है।







































