भारत की बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। देश में पहली बार दौड़ने वाली स्वदेशी बुलेट ट्रेन अब ट्रायल रन के बेहद करीब पहुंच गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि इस ट्रेन का ट्रायल कब शुरू हो सकता है और इसके बाद यात्रियों को इसमें सफर करने का मौका कब मिलेगा। सरकार का फोकस इस पूरे प्रोजेक्ट को आत्मनिर्भर भारत की सोच के तहत आगे बढ़ाने पर है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में कहा कि भारत की अपनी बुलेट ट्रेन अगले साल मई या जून तक ट्रायल के लिए पटरी पर आ सकती है। उन्होंने बताया कि ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम हाल ही में तैयार किया गया है और उसे फिलहाल ‘स्क्वीज टेस्ट’ के लिए भेजा गया है। इस टेस्ट और दूसरे जरूरी टेस्ट के बाद ट्रेन को ट्रैक पर उतारकर अलग-अलग परिस्थितियों में चेक किया जाएगा। यानी भारत के हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए 2027 का साल बेहद अहम रहने वाला है।
ट्रायल के 2-4 महीने बाद शुरू होगी सेवा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आम यात्री बुलेट ट्रेन में कब सफर कर पाएंगे? रेल मंत्री के मुताबिक, ट्रायल शुरू होने के बाद करीब 2 से 4 महीने तक टेस्टिंग चलेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री द्वारा बुलेट ट्रेन का उद्घाटन किए जाने की प्लानिंग है। इस हिसाब से अगर मई या जून 2027 में ट्रायल शुरू होता है और टेस्टिंग तय समय में पूरा होता है, तो यात्रियों के लिए सर्विस उसके कुछ महीनों बाद शुरू होने की उम्मीद है।
वडोदरा से मुंबई सिर्फ डेढ़ घंटे में
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद मुंबई और गुजरात के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। रेल मंत्री ने बताया कि वडोदरा से मुंबई का सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यह सुविधा खास तौर पर नौकरी, कारोबार और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है। फिलहाल इस दूरी को तय करने में काफी ज्यादा समय लगता है।
सूरत-वापी सेक्शन का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
रेल मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। सूरत-वापी सेक्शन का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रोजेक्ट के दूसरे हिस्सों पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ तेज ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक और निर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
इनपुट- ANI






































