ओडिशा के स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग को खारिज कर दिया है। दारा सिंह 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो छोटे बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। बोर्ड का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में होने वाली 17 सितंबर की सुनवाई से ठीक पहले आया है। सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार से दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। सिंह ने अपनी रिहाई की मांग ओडिशा की 2022 की रिमिशन गाइडलाइंस के तहत की थी।
26 साल से ज्यादा समय से जेल में है दारा सिंह
दारा सिंह की उम्र अब लगभग 67 साल है। वह लगभग 26 साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुका है। उसकी समय से पहले रिहाई की मांग पर स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने 31 अगस्त को एक विशेष बैठक में विचार किया। इस दौरान बोर्ड ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बोर्ड के सामने यह मुद्दा भी रखा गया कि अगर दारा सिंह को रिहा किया जाता है, तो इसका समाज पर व्यापक असर पड़ सकता है और इससे सांप्रदायिक तनाव या अशांति की स्थिति पैदा होने की आशंका हो सकती है।
पहले भी खारिज हो चुकी है याचिका
दारा सिंह की रिहाई पर विचार करते समय क्योंझर जिला प्रशासन की ताजा रिपोर्ट को भी देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार, 15 अगस्त को करीब 200 से 250 लोग, जो कथित तौर पर दारा सेना से जुड़े थे, क्योंझर जिला जेल के बाहर जमा हुए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इन लोगों ने कथित तौर पर उत्तेजक नारे लगाए। बोर्ड ने इस रिपोर्ट को भी अपने विचार में शामिल किया। दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग इससे पहले भी कई बार खारिज हो चुकी है। इनमें 2016, 2019, 2020, 2022 और 2023 में उसकी रिहाई की मांग पर नकारात्मक फैसला शामिल है। इन मामलों में सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक शांति से जुड़ी चिंताएं भी रिहाई पर विचार करते समय सामने आई थीं।
17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
दारा सिंह ने 2024 में भारत की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उसने अदालत से ओडिशा सरकार को यह निर्देश देने की मांग की थी कि उसकी समय से पहले रिहाई के मामले पर 2022 की रिमिशन नीति के तहत विचार किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ओडिशा सरकार से दारा सिंह की रिहाई की मांग पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। अब स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड द्वारा रिहाई की मांग खारिज किए जाने के बाद यह मामला 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। बोर्ड ने अंततः दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की सिफारिश नहीं की। अब आगे की स्थिति 17 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में सामने आएगी। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)
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