प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन पूरे देश में बीजेपी ने सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया। वडनगर से वाराणसी तक, उज्जैन से लेकर कोलकाता तक मोटरबाइ यात्राएं निकाली गईं, रक्तदान शिविर आयोजित किये गये, गंगा, यमुना, सरयू, शिप्रा जैसी तमाम नदियों के किनारे लाखों ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए गए। दुनिया के बड़े नेताओं ने मोदी को बधाई दी। कश्मीर से कन्याकुमारी तक, कामरूप से कामाख्या तक, सोमनाथ से महाकाल तक, काशी से लेकर मोदी के जन्मस्थान वडनगर तक हर शहर, हर तीर्थ में दीवाली जैसा जश्न हुआ, आतिशबाजी हुई।
7 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी के head of government के तौर पर 25 साल पूरे हो जाएंगे। देश में कोई निर्वाचित नेता 25 साल तक लगातार सत्ता में नहीं रहा। सवाल ये पैदा होता है कि आखिर मोदी में ऐसा क्या है? ये समझने के लिए मोदी ने जो काम किए, उनके कुछ उदाहरण देखने की जरूरत है। मोदी hi-tech हैं, उन्होंने स्मार्टफोन की क्षमता को समझा। 2014 में mobile phones के निर्यात में भारत का स्थान दुनिया में 167वें स्थान पर था। इस साल भारत phone export में दुनिया में number one है। रक्षा उपकरणों में पिछले 12 साल में भारत का निर्यात 686 करोड़ से बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये हो गया।
मोदी ने सरकार के काम करने का तरीका बदला। पाकिस्तान ने आंख दिखाई तो घर में घुसकर मारा, कश्मीर में लगे Article 370 को हटाया, राम मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ किया। ये सब चीजें नामुमकिन लगती थीं। मोदी ने भारत से नक्सलवाद का सफाया किया। जो माओवादी 60 साल से खून बहा रहे थे, उन्हें खत्म किया। हर गांव में बिजली, 12 करोड़ शौचालय, 59 करोड़ बैंक खाते, 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा, ऐसे बहुत सारे आंकड़े हैं, जो मोदी के काम को दर्शाते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि ज्यादातर नेता “मैं, मेरा परिवार और मेरी पार्टी”, इसके बारे में सोचते हैं। मोदी का न अपना परिवार है, न कारोबार है, न वारिस के तौर पर कोई बेटा-बेटी।
यही बातें मोदी को बाकी नेताओं से अलग बनाती हैं। इसीलिए लोगों ने बार-बार मोदी को चुना। ऐसा नहीं है कि मोदी के सामने समस्याएं नहीं आईं, लेकिन जब-जब संकट आया, चाहे वो Covid की महामारी हो या जंग के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव, मोदी ने हर संकट को अवसर में बदल दिया।
क्या भारत सेमीकंडक्टर का global hub बनेगा?
मोदी ने अपने जन्मदिन पर भावी योजनाओं की बात की। मोदी ने बताया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए वो क्या काम करने वाले हैं, उनकी सोच क्या है। मोदी के जन्मदिन पर देश में सेमीकॉन 2।0 की शुरूआत हुई। मोदी ने कहा, टेकनोलोजी तेजी से बदल रही है, अब AI का ज़माना है, एक छोटी सी chip में दुनिया समा गई है, ये chip बड़े काम की है। अब तक सरकार chip बनाने के सामान का जुगाड़ कर रही थी, इसकी फैक्ट्रियां बनाने पर फोकस कर रही थी। अब हम Made in India chip दुनिया को सप्लाई करेंगे।
मोदी भारत को global semiconductor hub बनाने के mission में लग गए हैं। उन्होने यशोभूमि में ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का उद्घाटन किया। ये भारत के semiconductor mission का दूसरा चरण है। मकसद है देश में silicon ecosystem को विकसित करना। जो शुरुआत पहले चरण में होनी थी, वो हो चुकी है। प्लांट भी लग गए हैं, उत्पादन शुरू हो गया है। अब Made in India chip को दुनिया भर में पहुंचाना है। Semiconductor mission के पहल चरण पर 80 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए थे। अब दूसरे चरण पर एक लाख तीस हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
Semiconductor और डेटा सेंटर को दुनिया के बड़े मुल्क़ एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। Supply chain को रोक कर वो किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकते हैं। नरेंद्र मोदी ने इस खतरे को पहचाना। ये सही है कि semiconductor और data center के मामले में भारत काफी पीछे है। चीन के साथ catch-up करने में कई बरस लग जाएंगे। तो क्या ये सोच-सोचकर रोते रहें कि हम कितना पीछे रह गए या आगे की सोचें?
मोदी ने फैसला किया कि इन दोनों सेक्टर्स में युद्धस्तर पर अब काम होगा। सारे मुख्यमंत्रियों को काम दिया गया और ये तय किया गया कि हम शुरुआत करें, हम ताक़त लगाएं, सुधार करें, Ecosystem तैयार करें, फिर आगे जो होगा देखा जाएगा। Semiconductor को लेकर कितनी तेजी से काम हो रहा है, इसका अंदाजा आपको इस बात से हो जाएगा कि 40 विश्वविद्यालयों में दुनिया के latest electronic design automation tools उपलब्ध कराए गए हैं। लक्ष्य तो ये था कि 10 साल में 85,000 design engineers तैयार किए जाए लेकिन पहले 4 साल में ही 70 हजार design engineers ready हो गए। रास्ता लम्बा है पर और कोई विकल्प नहीं है।
शी जिनपिंग पर फर्जी खबर: भारत को बदनाम करने की साजिश
हर कोई मोदी की इस काबिलियत को बर्दाश्त नहीं कर पाता, तरह तरह की साजिशें होती है, अफवाहें फैलाई जाती हैं। इसका उदाहरण मिला, जब ब्रिक्स सम्मेलन के तुरंत बाद एक बड़ी अफवाह फैलाई गई। दावा किया गया कि ब्रिक्स समिट के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बीमार हो गए थे लेकिन भारत सरकार ने इसकी सच्चाई बताई। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ब्रिक्स की वजह से कोई बीमार नहीं हुआ था।
सोशल मीडिया में शी जिनपिंग के बारे में कह दिया गया कि वो दिल्ली में बीमार हो गए, अचानक उन्हें विशेष विमान से चीन लौटना पड़ा। बीजिंग में उनका प्लेन उतरते ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। लेकिन ये फेक खबर निकली। ऐसा ही फर्जी दावा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को लेकर किया गया था, उनकी तबीयत बिगड़ने की भी अफवाह फैलाई गई, फर्जी दावा किया गया कि रामाफोसा ब्रिक्स से लौटने के बाद से इतने बीमार हैं कि वो किसी सरकारी या सार्वजनिक प्रोग्राम में नजर नहीं आए हैं। अफवाह ज्यादा बढ़ी तो साउथ अफ्रीका सरकार ने ऐसे दावों को झूठ करार दिया।
फेक न्यूज फैलाने वालों ने तीसरा टारगेट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बनाया। कई फेक अकाउंट्स ने ये दावा किया कि पुतिन ने ब्रिक्स समिट में जैसे ही खाना खाया, वो कमजोर महसूस करने लगे, उनकी तबियत बिगड़ गई, उन्हें होटल लौटना पड़ गया। ये दावा भी झूठा निकला। पुतिन पूरी तरह स्वस्थ हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने सबका फैक्ट चेक कर दिया। विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक अकाउंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, लोगों को ऐसी फेक न्यूज और सोशल मीडिया के दुर्भावनापूर्ण पोस्ट से सावधान रहना चाहिए।
शी जिनपिंग का केस नवीनतम उदाहरण है कि है कि डिजिटल मीडिया पर झूठ कैसे फैलाया जाता है। लोगों ने शी जिनपिंग को अस्पताल में भर्ती दिखा दिया। मोदी ने सम्मेलन के दौरान अपनी स्पीच रोक कर शी जिनपिंग से पूछा था, Is it okay? उसको भी बीमारी से जोड़ दिया गया। हालत ये हो गई कि चीन को officially video रिलीज करके बताना पड़ा कि मोदी तो शी जिनपिंग से उनके earphone के बारे में पूछ रहे थे जो शायद ठीक से नहीं लगा था।
दरअसल ये एक सुनियोजित साजिश थी, भारत को बदनाम करने की, परोक्ष रूप से ये दिखाने की कि भारत में हवा, पानी, खाना कुछ न कुछ तो गड़बड़ था जिसने नेताओं को बीमार किया। लेकिन digital media का जवाब भी digital media से ही मिला। वीडियो मिले, सबूत मिले और झूठ का पर्दाफाश हुआ। इसीलिए डिजिटल मीडिया पर जो दिखाई देता है, जो सुनाई देता है, उस पर विश्वास करने से पहले एक बार fact check कर लेना चाहिए।
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