भारत-चीन के रिश्तों पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान आया है। एक इंटरव्यू में एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सीमा वाले इलाकों में शांति और स्थिरता जरूरी है। सीमा पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत-चीन के बीच कोई तय सीमा नहीं है और यह मुद्दा दशकों से चला आ रहा है। साथ ही, विदेश मंत्री ने ये भी याद दिलाया कि 2024 के बाद से चीन से रिश्तों में सुधार हुआ है। जानें विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्या-क्या कहा।
भारत-चीन का मुद्दा कोई नया नहीं
एस. जयशंकर ने कहा, ‘भारत-चीन के बीच कोई तय सीमा नहीं है। यह कोई नया मसला नहीं है, यह कई दशकों से चल रहा है। 1975 से 2020 तक यानी पूरे 45 वर्षों तक, उस सीमा पर कोई खून-खराबा नहीं हुआ। आखिरी बार 1975 में मौतें हुई थीं। इस दौरान भारत-चीन संबंध बेहतर हुए हैं।’
2020 में भारत-चीन सीमा पर बदले हालात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आगे कहा कि 2020 में परिस्थितियां बदल गईं, जब बॉर्डर पर कई मुद्दों की वजह से 1 झड़प हुई जिसमें दोनों तरफ के सैनिक मारे गए थे। जयशंकर ने कहा, ‘2020 में जब हम कोविड लॉकडाउन के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, सीमा पर कई मुद्दे सामने आए थे और मामला एक झड़प तक भी पहुंच गया था, जिसमें दोनों ओर के कई सैनिक मारे गए।’
रिश्तों पर पड़ता है बॉर्डर पर शांति भंग होने का असर
उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे लिए यह 1975 से चली आ रहीं परिस्थितियों से एक बहुत बड़ा बदलाव था। अगर बॉर्डर वाले इलाकों में शांति और स्थिरता भंग होती है, तो रिश्तों पर इसका प्रभाव पड़ता है। शांति और स्थिरता बहाल होने तक अगले 5 वर्षों तक ये नतीजे स्पष्ट तौर पर दिखाई दिए। इसमें बातचीत करते हुए 4 साल लग गए।’
2024 के बाद से सामान्य हुए रिश्ते
चीन के साथ रिश्ते सामान्य करने पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए बॉर्डर पर हालातों का स्थिर रहना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, ‘हम चीन से यही कहते हैं कि अगर आप सामान्य रिश्ते चाहते हैं, अगर बाकी रिश्ते आगे बढ़ने चाहिए, तो यह सामान्य समझ की बात है। यह स्पष्ट है कि सीमा स्थिर होनी चाहिए और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता की जरूरत है।’ जैसे-जैसे सीमावर्ती इलाकों में परिस्थितियां सामान्य हो रही हैं और 2024 के बाद से वे काफी हद तक सामान्य हो चुके हैं, वैसे-वैसे रिश्ते भी सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इससे पहले, एक बयान में एस. जयशंकर ने कहा था कि दुनिया में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा, स्थिरता और साझा हितों से नया वैश्विक संतुलन बनेगा।
(इनपुट- ANI)
ये भी पढ़ें- पाकिस्तानी पत्रकार ने आतंकवाद पर जयशंकर से पूछा सवाल, मिला ऐसा जवाब कि जिंदगी भर याद रखेगा






































