ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बेहद जरूरी खबर है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों के कोच में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है। इस दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखना अनिवार्य होगा और इसमें किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को जारी निर्देश में सभी जोनल रेलवे को इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इस कारण बंद किए गए ट्रेन में चार्जिंग पॉइंट
रेलवे बोर्ड का यह निर्देश दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) में चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फटने और उसमें से धुआं निकलने की घटना के बाद आया है। बोर्ड के मुताबिक, संबंधित ट्रेन में निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद नहीं किए गए थे। इसके बाद चार्जिंग के दौरान पावर बैंक में विस्फोट हुआ और धुआं निकलने लगा। इस घटना के बाद रेलवे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है।
2014 के आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश
रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में 19 जून 2014 को जारी पुराने आदेश का हवाला दिया है। उस आदेश में भी रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ट्रेन के कोच में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। अब बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलवे को इस नियम का अनिवार्य रूप से पालन कराने के लिए कहा है।
कर्मचारियों की जवाबदेही होगी तय
रेलवे बोर्ड ने संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ-साथ उचित प्रशिक्षण और परामर्श देने की भी बात कही है, ताकि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन न हो। इसके अलावा, निर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं, यह जांचने के लिए अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के स्तर पर औचक निरीक्षण भी किए जाएंगे।
आग लगने का खतरा
रेलवे का यह कदम ट्रेन में आग लगने और बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यात्रियों को रात के निर्धारित 6 घंटों के दौरान कोच में उपलब्ध चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल नहीं कर पाने की स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
ये भी पढ़ें:





































