
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई है। इस दौरान दोनों पक्षों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने के लिए बातचीत जारी रखने का फैसला किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को ये जानकारी दी। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में अमेरिका गया भारतीय प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों के दौरे के बाद 24 सितंबर को वापस भारत लौट आया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी सरकार के अधिकारियों के साथ समझौते के संभावित स्वरूप को लेकर रचनात्मक बातचीत की।
पीयूष गोयल ने जेमीसन ग्रीयर और सर्जियो गोर से भी की मुलाकात
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्षों ने समझौते की संभावित रूपरेखा पर विचारों का आदान-प्रदान किया और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने के लिए बातचीत जारी रखने का फैसला लिया गया।” बयान के मुताबिक, अपनी यात्रा में पीयूष गोयल ने अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमीसन ग्रीयर और भारत के लिए अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के प्रमुख उद्योगपतियों एवं निवेशकों से भी दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की।
अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद रुक गई थी बातचीत
मंत्रालय ने बताया कि इन बैठकों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली और कारोबारी दिग्गजों ने भारत की वृद्धि गाथा पर भरोसा जताते हुए भारत में अपनी कारोबारी गतिविधियों को बढ़ाने की इच्छा प्रकट की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिए जाने के बाद व्यापार वार्ता पटरी से उतर गई थी। लेकिन दोनों देशों ने अब इसे नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जिस पर अब बातचीत चल रही है।
1 अक्टूबर से दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा अमेरिका
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे 1 अक्टूबर से इंपोर्ट किए जाने वाली पेटेंट और ब्रांडेड दवाइयों पर 100 प्रतिशत, किचन कैबिनेट और बाथरूम वैनिटी पर 50 प्रतिशत, अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर पर 30 प्रतिशत और भारी ट्रकों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।







































