बुधवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF, या जेट फ्यूल की कीमतें दोगुनी से ज़्यादा होकर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गईं। इसकी वजह पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में आई तेज़ी है। यह पहली बार है जब ATF की कीमतें 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर (kl) के निशान को पार कर गई हैं। दिल्ली में ATF की कीमतें 96,638.14 रुपये प्रति kl से बढ़ाकर 207,341.22 रुपये प्रति kl कर दी गईं। 1 मार्च को जेट फ्यूल की कीमतों में 5.7 प्रतिशत (5,244.75 रुपये प्रति kl) की बढ़ोतरी की गई थी। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि हवाई यात्रियों को जल्द ही महंगे किराए का सामना करना पड़ सकता है।
घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में करीब 115% की बढ़ोतरी
सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार सुबह एटीएफ के नए रेट जारी किए, जिसमें घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में करीब 115% और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लगभग 107% की बढ़ोतरी की गई है। रुपये में लगातार गिरावट भी एयरलाइंस की मुश्किलें बढ़ा रही है, क्योंकि उनके ज्यादातर खर्च डॉलर में होते हैं। घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों की बात करें तो देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर एक किलोलीटर (1,000 लीटर) एटीएफ की कीमत में करीब 114.5% की बढ़ोतरी कर दी गई है। यह पहली बार है जब दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में एटीएफ की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंची है।
मुंबई एयरपोर्ट पर आज भाव
देश के दूसरे सबसे व्यस्त एयरपोर्ट छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (मुंबई) पर एटीएफ की कीमत में करीब 115% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां कीमत 90,451.87 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़कर अप्रैल में 1,94,968.67 रुपये हो गई है। एटीएफ की कीमतों में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी का सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।







































