
फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) ने शनिवार को 7,500 रुपये तक किराए वाले कमरे पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) बहाल करने की मांग की है। बताते चलें कि सरकार ने 7,500 रुपये तक किराए वाले कमरों पर लगने वाले माल एवं सेवा कर (GST) को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है, जो 22 सितंबर से लागू हो चुका है। हालांकि, जीएसटी में कटौती से पहले आईटीसी का प्रावधान था, जिसे अब हटा दिया गया है।
इनपुट टैक्स क्रेडिट हटाने से होटल इंडस्ट्री पर बढ़ गया नया खर्च
FHRAI के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जयसवाल ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि भारत के 90 प्रतिशत होटल ऐसे हैं जिनके कमरे का किराया 7,500 रुपये से कम होता है और अब उन पर 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है लेकिन आईटीसी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भले ही जीएसटी की दरें घटाकर उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने, टैक्स सिस्टम को आसान बनाने और इंडस्ट्री को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट हटाने से होटल इंडस्ट्री पर नया खर्च बढ़ गया है, खासकर छोटे और मझोले शहरों में।
ITC जाने से कैसे प्रभावित हो रहा है होटल इंडस्ट्री
इनपुट टैक्स क्रेडिट हटने से होटल मालिकों को किराया, बिजली-पानी, बाहरी कर्मचारियों का खर्च और पूंजीगत निवेश पर जो टैक्स देना पड़ता है, वो वापस नहीं मिल पाता, जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है। सुरेंद्र कुमार जयसवाल ने कहा कि ITC हटाए जाने की वजह से इंडस्ट्री में नया निवेश प्रभावित होगा। FHRAI ने सरकार से जल्द से जल्द होटल इंडस्ट्री में आईटीसी को फिर से लागू करने और टैक्स नियमों में स्पष्टता लाने के लिए सर्कुलर जारी करने का अनुरोध किया है।
22 सितंबर से लागू हो गया नया जीएसटी सिस्टम
बताते चलें कि केंद्र सरकार ने इसी महीने की 22 सितंबर से नया जीएसटी सिस्टम लागू कर दिया है। नए सिस्टम के तहत अब जीएसटी के सिर्फ दो स्लैब- 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत ही प्रभाव में हैं। जबकि 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत जीएसटी वाले स्लैब को सिस्टम से हटा दिया गया है।







































